देश में पहली बार ऐसा हुआ है जब फ्लाइट में भोजपुरी में स्वागत हुआ है। 35000 फीट ऊंचाई पर आसमान से मिट्टी को जोड़ने वाला प्रयोग इंडिगो एयरलाइंस ने किया है।
छठ महापर्व को लेकर किया गया प्रयोग
इंडिगो ने पहली बार पटना से दिल्ली के सफर में भोजपुरी में स्वागत का प्रयोग किया है। फ्लाइट में कैप्टन प्रतीक ने भोजपुरी में स्वागत कर लोगों को चौंका दिया। हालांकि, यह पहले से सोचा-समझा था और इससे कुछ अलग करने का अहसास भी हो रहा था।
फ्लाइट में हिंदी और अंग्रेजी में ही वेलकम होता है, लेकिन इंडिगो ने छठ पर्व काे लेकर भोजपुरी की उद्घोषणा का प्लान किया था। यह पहला प्रयोग था जो लोगों को खूब भाया।


क्रू मेंबर ने पूछा भोजपुरी ठीक बा?
दिवाली और छठ महापर्व पर लोग बड़े शहरों से घरों की तरफ जाते हैं। इस दौरान फ्लाइट में अपनी क्षेत्रीय भाषा को सुनना लोगों को काफी पसंद आया है। क्रू मेंबर कहते हैं, ”आज थोड़ा हल्का लोड बा, छठ दिवाली के टाईम आ गई बा, वापस आवें में ज्यादा भीड़ रहत बा, जाए में कम। भोजपुरी समझ में आवता सब कोई के कि हिन्दी में ट्रांसलेशन करीं..भोजपुरी ठीक बा?” इस पर यात्री उन्हें भोजपुरी समझ आने का इशारा करते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में इंडिगो फ्लाइट क्रू मेंबर बिहार की भाषाओं का जिक्र करते हुए कहते हैं कि उन्हें सिर्फ भोजपुरी आती है। भोजपुरी में कहते है कि ‘बिहार में त बहुत भाषा बा, मगही, मैथिली, ठेठी, मगर हमरा के खाली भोजपुरी आवेला।’ इसी के साथ क्रू मेंबर कहते है, ‘रउरा लोग के हमनी का एक परिवार के सदस्य समझी लेंजा।’ यानी हम लोग आप सभी को एक ही परिवार का सदस्य समझते हैं।

अब तो ऐसा ही वेलकम चाहते हैं यात्री
फ्लाइट में भोजपुरी में ही यात्री वेलकम चाहते हैं। पटना के शैलेंद्र सिंह बताते हैं कि इंडिगो का यह प्रयोग काफी पसंद आया है। जिस क्षेत्र की फ्लाइट हो उसमें उस क्षेत्र की भाषा में उद्घोषणा हो तो सफर काफी आनंददायक हो जाएगा। ऐसे प्रयोग अन्य एयरलायंस को भी करना चाहिए। पटना के डॉ. आशुतोष का कहना है कि यह प्रयोग काफी अनूठा है और ऐसा ही होना चाहिए। सफर तभी सुखद और आसान होता है जब मन के मुताबिक माहौल हो।

डॉ. आशुतोष का कहना है कि उन्होंने बहुत सफर किया है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब स्वागत भी भोजपुरी में हो रहा है। व्यवसायी कुंदन का कहना है कि उनके पास भी वीडियो आया और देखकर काफी खुशी हुई कि इंडिगो ने बिहार में फेस्टिवल के दौरान बड़ा प्रयोग किया है। कुंदन ने फ्लाइट के कैप्टन को बधाई का पात्र बताया है जिन्होंने यह प्रयोग किया। सनी सिंह का तो कहना है कि पटना से उड़ान भरने वालों के लिए ऐसी ही भाषा में उद्घोषणा होनी चाहिए ताकि आसमान में होकर भी धरती का एहसास होता रहे।




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