मुजफ्फरपुर : औकेन के रूई से तैयार होता है अर्कपात, बाजार में चल रही बिक्री
मुजफ्फरपुर। छठ पर्व में काम आने वाली वस्तु अर्कपात एवं बधी से बाजार पट गया है। बाजार में अभी खुदरा दुकानदार खरीदारी कर रहे है। दीपावली के बाद छठ करने वाले श्रद्धालु खरीदारी करेंगे। औकोन के रूई से अर्कपात को तैयार किया जाता है। वहीं सूती धागे से बधी को बनाया जाता है।
शहर के प्रमुख मंडी सरैयागंज पंकज मार्केट में अर्कपात एवं बधी की बिक्री हो रही है। जिले के मीनापुर, सकरा प्रखंड के साथ ही छपरा जिले में अर्कपात को तैयार किया जाता है। वहां से कारोबारी माल लाकर बाजार में बिक्री करते है। छठ पर्व में पूजा करने वाले भक्त अर्कपात एवं बधी जरूर लेते है।



बाजार में छोटा वाले अर्कपात जहां 65 रुपये एवं बड़ा वाले 70 रुपये में 200 पीस की दर बेचा जा रहा है। वहीं छोटा वाले बधी 50 रुपये एवं बड़ा वाले बंधी 65 रुपये में 400 पीस की दर से बिक्री हो रही है। खुदरा में इसे एक रुपया में दो पीस की दर से बेचा जाता है।

शहर के प्रमुख मंडी सरैयागंज पंकज मार्केट में अर्कपात एवं बधी की बिक्री करने वाले मीनापुर के पिपराहा गांव निवासी रामदेव साह ने बताया कि मीनापुर के पिपराहा, सकरा के मझौलिया गांव में अर्कपात तैयार किया जाता है। अर्कपात का सबसे बड़ा मंडी छपरा जिले के झउसा ढाला के पास है। छपरा में सालों भर कारोबारी माल तैयार करते है। मांग के अनुरूप विभिन्न जगहों पर माल भेजते है।
अर्कपात बनाने के लिए औकोन का रूई राजस्थान, गुजरात एवं उड़ीसा में मिलता है। माल सस्ते में मिलने से ज्यादातर कारोबारी राजस्थान से ही रूई लाते है। इसके बाद लाल रंग देकर माल तैयार किया जाता है। वहीं सूती धागे से बधी को तैयार किया जाता है। रूई की कीमत में इस बार बीस प्रतिशत का इजाफा हुआ है।




Leave a Reply