बिहार में कोरोना नियंत्रण को लेकर दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की जांच करने और संक्रमित मिलने पर तुरंत क्वारंटीन करने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दिवाली और छठ पूजा के मद्देनजर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व राज्य के प्रवेश मार्ग स्थित चेकपोस्ट पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी दूसरे राज्य से आने वालों की रैंडम जांच करेंगे।
संक्रमित मिलने पर आरटीपीसीआर जांच भी कराई जाएगी। इसमें भी संक्रमित मिलने पर यात्रियों को तुरंत क्वारंटीन किया जाएगा। चिकित्सकों की सलाह पर संक्रमित को होम आइसोलेशन में रहने का निर्देश दिया जाएगा। स्थिति गंभीर होने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर पूरी तैयारी शुरू कर दी है।



करीब तीन सौ जांच टीमें होंगी तैनात
राज्य में दूसरे प्रदेशों से आने वालों की जांच के लिए तीन सौ से अधिक मेडिकल टीमें लगाई जाएंगी। एक टीम में एक एएनएम, एक डाटा एंट्री ऑपरेटर व एक लैब टेक्नीशियन शामिल होंगे। यात्रियों द्वारा 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट दिखाने पर उनकी जांच नहीं की जाएगी।

सभी जिलों में आरटीपीसीआर जांच की है सुविधा
हाल ही में हुई वर्षापात से प्रभावित इलाकों के लोगों की कोरोना जांच होगी। 20 नवंबर तक यह अभियान चलेगा। इस दौरान राज्य में रोज दो लाख जांच कराने का निर्णय लिया गया है। उधर, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। किसी भी यात्री को आरटीपीसीआर जांच को लेकर किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। अस्पतालों में भी संक्रमितों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई है।




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