शराबबंदी के बीच सीतामढ़ी समाहरणालय के सामने से शराब की खाली बोतलें देखने को मिल रही हैं। समाहरणालय के मेन गेट के बगल में शराब की खाली सैकड़ों बोतल शराबबंदी की असली तस्वीर बता रही है। लाख कोशिशों के बावजूद शहर में शराब उपलब्ध होना शराबबंदी की विफलता की तरफ इशारा करता है। सीतामढ़ी पुलिस-प्रशासन का दावा रहता है कि जिले में कहीं भी शराब का कारोबार नहीं हो सकता है। जहां भी होता है, उसकी सूचना मिलते ही उसपर कार्रवाई की जाती है।

दरअसल जिला मुख्यालय के मर्यादा पथ पर स्थित समाहरणालय मेन गेट गेट के बगल में फेंके गए कूड़ेदान में करीब सैंकड़ों शराब की खाली बोतलें बरामद हुई। स्थानीय लोगों की माने तो यहां हमेशा शराब की खाली बोतल पड़ी रहती हैं। लोगों का कहना है बिहार में जारी शराबबंदी पूरी तरह से फेल है।
शराबबंदी पर मुख्यमंत्री बार बार समीक्षा बैठक करते रहते हैं। कड़े कानून भी बने, लेकिन इसके बाद भी शराबबंदी का प्रभाव सीतामढ़ी जिले में नहीं दिख रहा है। जहां शराब माफियाओं और शराबी को पकड़ा जा रहा है, वहीं शहर के वीआईपी इलाकों की सड़कों पर शराब की बोतल पाई जा रही है। जिस जगह पर शराब की खाली बोतलें देखने को मिली है, वहां जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी का ऑफिस है और उनका प्रतिदिन आना-जाना लगा रहता है। इतना ही नहीं, दो कदम की दूरी पर थाना भी है।



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