65वीं BPSC टॉपर गौरव सिंह रिजल्ट के बाद पहली बार शुक्रवार सुबह अपने गांव चमरहा पहुंचे, जहां गांववालों ने भव्य स्वागत किया। शिवसागर थाना क्षेत्र के चमरहा गांव में दोगुने जश्न का माहौल है। दशहरा का जश्न तो है ही, गांव का बेटा गौरव सिंह पूरे राज्य में टॉप करने के बाद आज पहली बार गांव लौटा है।
BPSC का रिजल्ट 7 अक्टूबर को प्रकाशित हुआ था, उस समय गौरव पुणे में थे। उन्हें 10 अक्टूबर को UPSC की पीटी परीक्षा में शामिल होना था। परीक्षा देने के बाद वे गुरुवार को वाराणसी पहुंचे, जहां से सड़क मार्ग से अपने गांव पहुंचे।
GT रोड फोरलेन से चमरहा गांव 6 किमी दूर है, परंतु गांव वाले बैंड-बाजे के साथ स्वागत के लिए वहां पहुंच गए थे। स्वागत करने वालों में हर उम्र के लोग थे। जैसे ही गौरव की गाड़ी गांव के मोड़ पर पहुंची लोगों ने फूल-माला पहना उनका स्वागत किया। इसके बाद बैंड बाजे के साथ जुलूस की शक्ल में काफिला आगे बढ़ा। गौरव के स्वागत के लिए क्षेत्र के जन प्रतिनिधि भी पहुंचे थे। युवा अपनी बाइक से जुलूस के साथ चल रहे थे। रास्ते में गांव वालों ने तोरण द्वार बना रखे थे।


स्वागत के लिए रोड पर खड़े थे लोग।

इस तरह सजाया गया घर।
घर पर आरती से हुआ स्वागत, गांव में बंटे लड्डू
जब गौरव अपने गांव पहुंचे तो घर पर मां, बहनों ने आरती उतारी। मां अपने बेटे की सफलता के बाद पहली बार मिलते हुए भावुक हो गईं। मामा प्रकाश सिंह एवं दिवाकर सिंह ने बताया कि सुबह से बच्चे घर की सजावट में लगे थे। कल से ही लड्डू बन रहे हैं, पूरे गांव-जवार में लड्डू बांटे जा रहे हैं। गौरव के गांव पहुंचने के बाद एक संक्षिप्त कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों द्वारा उनका अभिनंदन किया गया।

गांव के छात्र-युवा।
युवाओं ने बताया प्रेरणा स्रोत
गौरव के आगमन को लेकर गांव के छात्र-युवाओं में विशेष उत्साह है। वे गौरव सिंह को अपना प्रेरणा स्रोत बता रहे हैं। गांव के युवक संदीप सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि अब BPSC की तैयारी करेंगे। सिद्धार्थ कहते हैं कि वे भी गौरव भइया की तरह पहले इंजीनियरिंग करेंगे, फिर यूपीएससी की तैयारी करेंगे।



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