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मुजफ्फरपुर का चर्चित बालिका गृह होगा सील मुक्त / ब्रजेश सिंह की मां ने बिल्डिंग को निजी संपत्ति बताया

मुजफ्फरपुर का चर्चित बालिका गृह भवन अब सील मुक्त होगा। इसको लेकर कवायद शुरू कर दी गयी है। DM प्रणव कुमार ने SSP जयंतकांत को पत्र भेजकर विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा है। कहा गया कि CBI द्वारा पूर्व में महिला थानेदार को भी सील मुक्त करने का निर्देश दिया जा चुका है। CBI ने महिला थानेदार को जो पत्र भेजा था, उसमें स्पष्ट लिखा गया था कि भवन को सील करके रखना अब जांच का हिस्सा नहीं है। इसलिए इसे सील मुक्त कर दिया जाए। लेकिन, विभागीय कारणों से यहां से सील नहीं हटाया गया था।

इसके बाद फिर से जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे ब्रजेश ठाकुर की मां मनोरमा देवी ने DM को पत्र भेजकर आग्रह किया कि यह उनकी निजी संपत्ति है। इसे सील मुक्त कर दिया जाए। DM ने उक्त पत्र के आलोक में सभी बिंदुओं पर जांच कर SSP को कार्रवाई करने को कहा है। सम्भावना है कि कागज़ी प्रक्रिया पूरी करने का बाद इसे सील मुक्त कर दिया जाएगा।

मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर को आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई थी।

मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर को आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई थी।

44 में से 29 बच्चियों के साथ हुआ था रेप

साहू रोड स्थित बालिका गृह में रहने वाली 44 में से 29 बच्चियों के साथ रेप हुआ था। इसकी पुष्टि मेडिकल जांच में हुई थी। मामले में ब्रजेश ठाकुर समेत 21 को आरोपी बनाया गया था। ब्रजेश ठाकुर को आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई थी। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है।

यह है पूरा मामला

26 मई 2018 को मुम्बई की टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) की टीम के सोशल ऑडिट रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया था कि बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों के साथ गलत काम होता है। इसी आधार पर महिला थाना में FIR दर्ज की गई। तत्कालीन SSP हरप्रीत कौर के निर्देश पर फौरन मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहां से सभी बच्चियों को हटाकर पटना भेजा गया था। ब्रजेश से पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करते हुए अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि दो माह बाद यानी जुलाई में यह केस CBI को सौंप दिया गया था।

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