
इसके अलावा मुंह, नाक, आंख और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर भी टांके लगे हैं।डॉक्टरों ने ऑ’परेशन के दौ’रान बच्चे की नाक के आस-पास से चम’ड़ी लेकर नाक बनाई है। इसके अलावा आंख की पुतली को भी कृत्रिम तरीके से तैयार किया गया है।अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. कामेश्वर का दावा है कि ऑ’परेशन के लिए उन्होंने अभी तक एक भी रुपया नहीं मांगा है। बल्कि उन्होंने सेक्टर-15 आरडब्ल्यूए के सहयोग से बच्चे के परिवार के आर्थिक सहयोग की अपील की है।वहीं आरडब्ल्यूए के सचिव नीरज चावला का कहना है कि अभी तक करीब 50 हजार रुपये की सहयोग राशि आ चुकी है। उनका कहना है कि आरडब्ल्यूए का प्रयास है कि इलाज के दौ’रान आने वाले खर्च को वह वहन करें। लड़के के पिता शीषपाल ऑटो चालक हैं। उनके बड़े भाई गौरव टीवी मैकेनिक हैं।




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