माता के जयकारों और शंख की गूंज के बीच मां का पट मंगलवार को खुल गया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में बने पूजा पंडालों में मां के अलग-अलग मनोरम रूप के दर्शन हो रहे हैं। पट खुलते ही पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ देखी जा रही है, लेकिन इस भीड़ के बीच ना तो सोशल डिस्टेंसिंग दिख रही है और ना ही मास्क।


नाला रोड स्थित पंडाल में माता की मूर्ति।
महासप्तमी की विशेष पूजा के बाद खुला माता का पट
कोरोना पाबंदियों के बावजूद पटना के पूजा पंडालों में भव्यवता दिख रही है। पीरमुहानी स्थित पूजा पंडाल में भगवान बुद्ध की बेहद खूबसूरत आकृति दिखाई दे रही है। बाहर बुद्ध की आकृति से सजे इस पंडाल में अंदर ड्रैगन की आकृति पूजा पंडाल में दिखाई दे रहा है। यहां अभी से ही भक्तों की भीड़ दिखाई दे रही है।

पीरमुहानी स्थित पूजा पंडाल में भगवान बुद्ध की बेहद खूबसूरत आकृति।

कलाकारों ने अपनी कला के जरिए मास्क लगाने का दिया संदेश
पटना के मूर्ति कलाकार जितेन्द्र ने माता की मूर्ति के जरिए श्रद्धालुओं को खास संदेश देने की कोशिश की है। मिट्टी से बनाई गई माता की इस प्रतिमा के पीछे कई चेहरे बनाये गए हैं। इन सभी के चेहरों पर मास्क लगा है। जितेन्द्र के मुताबिक उन्होंने अपनी कला के जरिए लोगों से कोरोना गाइडलाइन पालन करने की अपील की है।

शेखपुरा मोड़ स्थित माता का दर्शन करते लोग।
कोरोना गाइडलाइन का नहीं दिख रहा असर
पूजा पंडालों में पट खुलते ही भीड़ दिख रही है, लेकिन इस भीड़ में कोरोना गाइडलाइन का पालन कही नहीं दिख रहा। ना तो यहां सोशल डिस्टेसिंग दिख रही है और ना ही चेहरों पर मास्क दिख रहा है। महासप्तमी के बाद ही पटना में दशहरा मेला का नजारा दिखता है और आज से ही पंडालों में दर्शनार्थियों की भीड़ होती है। पंडालों में ये भीड़ सप्तमी से लेकर नवमी तक होती है। दिन में कोरोना गाइडलाइन का पटना में जो हाल दिख रहा है उससे रात में इसका पालन हो ऐसा लगता नहीं।




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