लंबे समय बाद मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के कई जिलों में बिजली संकट गहरा गया है। एक-एक घंटे के रोटेशन पर बिजली आपूर्ति हाे रही है। बुधवार काे शाम होते ही शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। बिजली संकट की वजह कोयले की किल्लत बताई जा रही है।
मुजफ्फरपुर के भिखनपुरा ग्रिड को 80 से 90 मेगावाट मांग के बदले दोपहर में 60 से 65 मेगावाट बिजली ही मिली। इस ग्रिड से जुड़े इलाकों में रोटेशन पर बिजली दी गई। शाम के बाद कुछ स्थिति सुधरी, तो एसकेएमसीएच ग्रिड काे 50% आपूर्ति कम कर दी गई।



बुधवार की रात 10 बजे तक इस ग्रिड की जरूरत 70 से 80 मेगावाट की जगह महज 25 मेगावाट बिजली मिली। इससे अखाड़ाघाट, जीरोमाइल, अहियापुर, चंदवारा, सिकंदरपुर से कई ग्रामीण इलाकों में भी गंभीर संकट रहा। शाम के बाद मोतीझील इलाके को बिजली मिली, ताे सरैयागंज टावर से अखाड़ाघाट तक गुल हाे गई।

भगवानपुर इलाके में बिजली मिली, तो ब्रह्मपुरा इलाके में कटौती कर दी गई। पूरे शहर में इसी तरह रोटेशन पर बिजली दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो स्थिति और गंभीर है। सिरसिया सब स्टेशन के उपेंद्र सिंह के अनुसार इनके ग्रिड इलाके में दो दिनाें से शाम 7 से 9 बजे तक बिजली नहीं मिल रही है।




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