अब जागे हैं आपलाेग। ये बातें लाेगाें ने नगर निगम के अधिकारियाें से तब कहीं, जब वे बुधवार काे जलजमाव का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे। लाेगाें ने कहा- महीनाें से शहरवासी जलजमाव की दुर्दशा झेल रहे। लेकिन, नगर निगम तमाशबीन बना रहा। … और कल सुबह में जब कलश स्थापना है तब आपलाेग चले हैं स्थिति देखने। बताइए इस सड़े व गंदे पानी से हाेकर श्रद्धालु कैसे मंदिराें में पहुंचेंगे।
लाेगाें के इस सवाल पर निगम के अधिकारी नजरें चुराते रहे। बुधवार की सुबह निगम अधिकारियों के साथ प्रभारी मेयर मानमर्दन शुक्ला भी शहर के जलजमाव प्रभावित इलाकाें का जायजा लेने के लिए निकले थे। बंगलामुखी मंदिर में वार्ड पार्षद पति इकबाल कुरैशी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लाेगाें ने महीनाें दुर्दशा झेली है, अब भी पानी नहीं निकला है।
देवी मंदिर के महंत ने पैर दिखाते हुए कहा- देखिए लगातार जलजमाव से यह किस तरह सड़ गया है। बता दें कि आस्था के केंद्र राज राजेश्वरी देवी मंदिर, बंगलामुखी परिसर, पीएनटी राेड स्थित सिद्धेश्वरी मंदिर समेत कई मंदिराें में लंबे समय से जमा पानी सड़ने के बाद काला होकर बजाबजा रहा है।

जलजमाव से बचने के लिए रिक्शा पर बैठते सिटी मैनेजर व जेई।

बंगलामुखी मंदिर व देवी मंदिर में दो-दो सफाईकर्मी तैनात
प्रभारी मेयर मानमर्दन शुक्ला ने अधिकारियों से अविलंब मोटर पंप लगाने का निर्देश दिया। देवी मंदिर व बंगलामुखी मंदिर में नवरात्र तक दो-दो सफाई कर्मियों की तैनाती की गई। उधर, टीम धर्मशाला चौक, सेंट्रल स्कूल , धर्मशाला चौक, गौशाला चौक आदि जगहों का जायजा लिया।
इस दौरान अपर नगर आयुक्त विवेक कुमार, नगर प्रबंधक ओम प्रकाश, जूनियर इंजीनियर राजकुमार पासवान, रामलाला शर्मा, कौशल किशोर, पार्षद मंजू सिन्हा, जीवेश कुमार, राकेश पिंटू आदि साथ थे।

पानी में 10 कदम भी पैदल नहीं चल सके अधिकारी
जायजा लेने के लिए पहुंचे नगर निगम के अधिकारी देवी मंदिर के निकट 10-15 कदम भी जलजमाव काे पैदल पार नहीं कर सके। सिटी मैनेजर व जूनियर इंजीनियराें काे इसके लिए रिक्शे का सहारा लेना पड़ा। इस पर लाेगाें ने कहा- निगम के ये जिम्मेदार अधिकारी यह ताे अहसास करें कि इससे कई गुना ज्यादा पानी शहरवासियाें ने पूरी बरसात झेला है। हालांकि, अपर नगर आयुक्त जूता गाड़ी में ही छाेड़ प्रभारी मेयर के साथ पैदल ही मंदिर पहुंच गए।




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