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तेज प्रताप यादव RJD से आउट!

RJD के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने बुधवार को एक कार्यक्रम में बयान देकर स्पष्ट कर दिया कि अब पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा है- ‘तेज प्रताप यादव को निष्कासित करने का कहां सवाल है, वे तो खुद से ही निष्कासित हो चुके हैं। उन्होंने अपना जो नया संगठन बनाया, उसमें तो लालटेन को चिह्न बनाया था, पर उन्होंने खुद कबूल किया कि उन्हें लालटेन चिह्न का इस्तेमाल करने से मना कर दिया गया। अब तेज प्रताप यादव पार्टी में कहां हैं?’ तिवारी के इस बयान के बाद बिहार में चर्चा गरम हो गई कि क्या वाकई में लालू के बड़े लाल RJD में हैं भी या नहीं?

हालांकि, इस बयान पर भास्कर ने जब तिवारी से सवाल किया तो उन्होंने इस तरह के किसी बयान की बात नहीं स्वीकार की। कहा कि पता नहीं, आपलोगों को यह सब बातें कहां सुनने को मिलती हैं।

शिवानंद तिवारी की फाइल फोटो।

शिवानंद तिवारी की फाइल फोटो।

तेज प्रताप ने छोड़ा ‘लालटेन’ और ‘RJD’ का नाम

लालू यादव के बड़े लाल तेज प्रताप यादव ने नया संगठन छात्र जनशक्ति परिषद बनाया है। छात्र राजद की कमान हाथ से छीने जाने के बाद तेजप्रताप यादव ने परिषद का गठन किया था। इसका चिह्न भी पैड पर जारी कर दिया था। बताया गया कि ‘हाथ में लालटेन’ चिह्न है। पैड पर RJD भी लिखा गया था। इस खबर को सबसे पहले भास्कर सामने लाया। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने निर्देश दिया कि राजद शब्द और लालटेन चिह्न का इस्तेमाल नहीं करना है। इसका साफ मतलब निकाला गया कि तेज प्रताप की राह अलग होने जा रही है।

कांग्रेस बिहार में भी ड्राइविंग सीट पर रहेगी, तो हम लोग कहां जाएंगे

दो सीटों पर हो रहे उपचुनाव और महागठबंधन में दरार पर शिवानंद तिवारी ने कहा कि महागठबंधन टूटा नहीं है, बल्कि कायम है। दो सीटों पर फ्रेंडली फाइट हो रही है। इसका मतलब यह नहीं कि इसके आगे के चुनाव में हम साथ चुनाव नहीं लडे़ंगे। कांग्रेस की नाराजगी की क्या बात है। हमने तो पहले ही कह दिया था कि दोनों सीटों पर हम चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में 70 सीट लेकर कांग्रेस चुनाव लड़ी, लेकिन कांग्रेस की 25-30 सीट पर भी उनका छोटा नेता भी भाषण देने नहीं गया। इससे तो नुकसान हुआ। अखिलेश यादव के साथ भी कांग्रेस का रिश्ता UP में टूट गया। जहां क्षेत्रीय पार्टियां मजबूत हैं वहां कमान हमारे हाथ में होनी चाहिए। कांग्रेस चाहेगी कि वह ड्राइविंग सीट पर रहे तो फिर हम लोग कहां जाएंगे?

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