सीतामढ़ी में लगातार बारिश के कारण जिला मुख्यालय डुमरा स्थित कैलाशपुरी का डायवर्जन बह गया। इससे जिला मुख्यालय और मेन बाजार के बीच संपर्क टूट गया। 25 हजार से अधिक की आबादी वाले मोहल्ले के लोग घरों में ही रहने को विवश हो गए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जिले के अधवारा, बागमती, कटौझा समेत अन्य नदियां लाल निशान के ऊपर बह रही हैं।
शनिवार से ही जान जोखिम में डालकर पार कर रहे थे लोग
शनिवार से ही जिले में लगातार बारिश हो रही है। सोमवार तक लोग जान जोखिम में डालकर इसे पार कर रहे थे। मंगलवार की सुबह लोगों ने देखा कि डायवर्जन के बीच का करीब 15 फीट हिस्सा नदी में ही बह गया। अब लोगों का पैदल आना-जाना भी मुश्किल हो गया है। डायवर्जन बनाने को लेकर ठेकेदार ने करीब एक करोड़ रुपए की निकासी की थी। इसके निर्माण में 50 प्रतिशत भी खर्च नहीं किए गए हैं। पुल निर्माण को लेकर पिछले साल ही टेंडर पास किया गया था। पुल निर्माण का काम 4 ठेकेदारों ने पार्टनरशिप में लिया है। अब वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मोहल्लेवासियों को भवप्रसाद पुल से होकर सिमरा होते हुए करीब 5 किमी की दूरी तय करके मुख्यालय आना पड़ेगा।



कई बार जिला प्रशासन को दी थी सूचना
स्थानीय लोगों ने बताया कि समय से पुल निर्माण नहीं होने के कारण डायवर्जन बनाया गया था। कमजोर व जर्जर डायवर्सन के संबंध में कई बार जिला प्रशासन को बताया गया। फिर भी कोई अधिकारी गंभीर नहीं हुआ। मंगलवार को तीसरी बार डायवर्जन बह गया। जिला मुख्यालय में बसा कैलाशपुरी मोहल्ले में करीब 25 हजार की आबादी है। इसमें अधिकतर लोग वीवीआईपी हैं। कैलाशपुरी में नेता, विधायक, न्यायिक अधिकारी, पुलिस कर्मी व अन्य बड़े ओहदे पर रहने वाले लोगों के लिए भी कठिनाई हो गई है। यहां सीडब्ल्यूसी सहित कई विभागों के कार्यालय भी हैं





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