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#MUZAFFARPUR : धूमधाम से मनाई जाएगी कैलाशपति मिश्रा की जन्म जयंती, सभी दलों के नेता होंगे शामिल व सम्मानित : पूर्व मंत्री

MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : मंगलवार को रामदयालु स्थित एक होटल के सभागार में कैलाशपति विचार मंच की ओर से कैलाशपति मिश्रा की जन्म जयंती मनाई जाएगी। यह जानकारी अटल सभागार में पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा, संजीव शर्मा और भाजपा नेता नीरज नयन ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। 

पूर्व मंत्री ने कहा कि सुप्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, कुशल संगठनकर्ता, राजनेता,  भाजपा की नींव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, गुजरात के राजयपाल, बिहार के राज सामाजिक न्याय के प्रणेता कैलाशपति मिश्रा की जन्म जयंती पुरे धूमधाम से मनाई जाएगी. उन्होंने कहा की कल मंगलवार को होने वाले जयंती समारोह में सभी पार्टी के नेता, विधायक आमंत्रित हैं.

विशेष तौर पर मुख्य अतिथि विजय कुमार सिन्हा बिहार विधानसभा के अध्यक्ष, कामेश्वर चौपाल श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य, विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल होंगे वही संजय पासवान, राणा रणधीर सिंह, कांग्रेस पार्टी के प्रेमचंद मिश्रा, पंकज मिश्रा, दिलमणि देवी, देवीलाल सहित सभी राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष शामिल होंगे।

उन्होंने कहा की कैलाशपति मिश्रा जब बिहार जनता पार्टी के अध्यक्ष थे तब भी सभी दलों में वे काफी लोकप्रिय थे. कैलाशपति विचार मंच के द्वारा उनके कार्य क्षेत्रों का, उनकी तपस्या और त्याग जो आजादी से लेकर जयप्रकाश के आंदोलन से लेकर बिहार ही नहीं बल्कि पुरे भारतवर्ष के राजनितिक क्षेत्रों में उनके प्रभाव की चर्चा की जाएगी जिससे नए और युवा वर्ग लाभान्वित होंगे. कैलाशपति मिश्रा का जीवन एक सन्यासी की तरह था जो किसी भी क्षेत्र में उनकी बेहतर कार्यक्षमता को परिलक्षित करता था. उन्होंने विधानसभा के वित्तमंत्री से लेकर गुजरात के गवर्नर तक के पद को सुशोभित किया. उनकी जन्म जयंती 5 अक्टूबर को श्रद्धा पूर्वक मनाते हुए हमसब उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. 

मौके पर उपस्थित संजीव शर्मा ने पूर्व की बातों को याद करते हुए मीडिया को बताया की उनकी बहुत सारी यादें जुडी हैं. वे कैलाशपति मिश्र को बाबा कहते हैं और जो उनसे अगाध स्नेह रखते थे. जब भी वे घर आते थे तो शाम होते कहते थे संजू (संजीव शर्मा) रामायण चला दो, फिर महाभारत चला दो. रात को पैर दबाते हुए उन्हें दूध-रोटी खिलाने के बाद उनके सुलाना. कई ऐसी बातें उनसे जुडी हैं. दिन में उनका पसंदीदा भोजन दही के साथ करेले की भुजिया होती थी.

मेरा मानना है की नई पीढ़ी को उनके विचारों से अवगत कराना आवश्यक है. उनके संस्कारों, उनके उपदेशों और उनकी कार्यशैली को अपने अंदर एक अंश के रूप में स्वीकार करे और आत्मसात करें. इसी को लेकर हमने बाबा की जयंती मनाने का निर्णय लिया है. 

नीरज नयन ने कहा की मुजफ्फरपुर में कैलाशपति मिश्रा की जयंती मनाई जाती रही है पर इस वर्ष बड़े भव्य रूप में उनकी जयंती मनाने का निर्णय लिया गया है. वे एक महान संगठनकर्ता थे अतएव इस मौके पर सभी दाल के संगठनकर्ता को सम्मानित करने का उद्देश्य है. कैलाशपति मिश्रा ऐसे विभूति थे जिन्होंने इस देश को बहुत कुछ दिया है, कहने को तो वे भारतीय जनता पार्टी के नींव के पत्थर और संगठन के शीर्ष पुरुष भी थे, पर उन्होंने अपना जीवन केवल राष्ट्र के लिए समर्पित किया. ऐसे दधीचि और भीष्म पितामह की जयंती पुरे धूमधाम से मनाएंगे।

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