दिल्ली में एक दिल द’हलाने वाली श’र्मनाक घट’ना सामने आई है। सब्जी मंडी इ’लाके में शनिवार सुबह क’ड़ाके की सर्दी में चार माह के मासूम को कोई कंबल में लपे’टकर सड़क पर फें’क गया। वहां से गुजर रहे एक युवक की नजर बच्चे पर पड़ी और वह उसे उठाकर अपने घर ले गया।
पुलिस को सूचना दी : युवक ने कपड़े और दूध देने के बाद मा’मले की सू’चना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची सब्जी मंडी थाना पुलिस ने युवक के बयान पर केस द’र्ज कर जांच शुरू की। पुलिस आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बच्चे को इस तरह सड़क पर फें’कने वाले की तला’श कर रही है।

पालना पहुंचा मासूम : सब्जी मंडी थाना पुलिस ने बच्चे को अपने ‘कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने मेडिकल कराने के बाद फिलहाल बच्चे को पालना अनाथालय में छोड़ दिया है, जहां उसकी देखरेख की जा रही है।
यह है गोद लेने की प्रक्रिया : विशेषज्ञों की मानें तो बच्चे को गोद लेने के लिए सरकार की ओर से कारा नाम की संस्था बनाई गई है। गोद लेने वाले परिवार को कारा में पंजीकृत कराना पड़ता है। संस्था में पंजीकृत परिवार से स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति से संबंधित दस्तावेज लिए जाते हैं। संस्था द्वारा परिवार का सत्यापन करने के बाद बच्चा गोद दिया जाता है। कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने की यही प्रक्रिया है।सड़क पर पड़े इस मासूम के लिए अश्वनि सोनकर किसी फरिश्ते की तरह है, जिनकी वजह से उसकी जान बच गई। अश्वनि ने भी इस मासूम को गोद लेने की इच्छा जताई है। 32 वर्षीय अश्वनि सोनकर सब्जी मंडी इ’लाके में रहते हैं।

उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं। अश्वनि शनिवार सुबह 6 बजे जिम से लौट रहे थे। घर के पास रास्ते में उन्हें बच्चे के रोने की आवाज आई। उन्होंने देखा तो एक दुधमुंहा बच्चा पतले से कंबल में लिपटा हुआ पड़ा था, जो लगातार रो रहा था। उन्होंने तुरंत बच्चे को उठाया और घर ले गए। उसके कपड़े बदले और मोटे कंबल में लपेटा, जिसके बाद उनकी पत्नी ने बच्चे को दूध पिलाया।
गोद लेने की इच्छा जताई : अश्वनि सोनकर का कहना है कि वह चाहते हैं कि बच्चा उन्हें मिल जाए। अश्वनि की तीन बेटियां हैं। उनके बड़े भाई की कोई औलाद नहीं है। उन्होंने अपने बड़े भाई के लिए बच्चे को गोद लेने की पेशकश की है, ताकि उनकी भाभी की सूनी गोद भर सके।
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