पटना में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से वाहन चालक परेशान हो गए हैं। पिछले 8-10 दिनों से कई पेट्रोल पंप पर पर्याप्त तेल नहीं पहुंच पा रहा है। डीलरों का आरोप है कि कंपनी में पैसा जमा होने के बाद भी तेल नहीं मिल रहा है। इसके कारण पंप बंद करने पड़ रहे हैं। तेल न मिलने का कारण न तो पेट्रोलियम कंपनी बता रही है और ना ही कोई डीलर। जानकारों का कहना है कि नवंबर से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने लगा था। इससे क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ती जा रही थीं। दोनों देशों के विवाद से पूरे विश्व की तेल कंपनियां घ’बरा गई हैं। इसका असर पटना पर भी पड़ा है। अभी शहर के पंप प्र’भावित नहीं है। ग्रामीण इला’कों में समय पर टैंकर नहीं जा रहे हैं। स्थिति यह है कि पहले मांग भेजने पर अगले दिन ही आपूर्ति कर दी जाती थी, लेकिन साफ कहा जा रहा है कि दो दिन बाद ही टैंकर आएंगे।

अगर दोनों देशों के बीच वि’वाद नहीं थमा तो 10-15 दिन बाद शहर के पंपों पर भी इसका असर दिखने लगेगा।तेल की कीमतों में तीन दिनों से लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। 3 जनवरी को पटना में पेट्रेाल 80.03 और डीजल 73.00 रुपए प्रति लीटर था। अगले दिन पेट्रेाल 10 पैसे और डीजल 16 पैसे बढ़ गया। पांच जनवरी को पेट्रेाल 35 पैसे और डीजल 8 पैसे बढ़ गया।लगातार बढ़ रहे दाम को लेकर डीलरों का कहना है कि अब कम होने की उम्मीद नहीं है, इसके पीछे वह अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही समस्या का हवाला दे रहे हैं।
1- दानापुर स्थित मुन्नी साव महेश लाल पेट्रोल पंप के संचालक नितिन का कहना है कि अभी समस्या हो रही है। तीन-चार दिनों से पंप सूखा पड़ा था। पहले पैसा भेजते ही ईंधन मिल जाता था, लेकिन अब पैसा जमा करने के बाद भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
2- मोकामा बाइपास स्थित आशीर्वाद एजेंसी के संचालक शैलेंद्र का कहना है कि तीन दिन से पेट्रोल नहीं है। 10 दिन पहले पैसा जमा करने के बाद भी तेल की आपूर्ति नहीं हो रही है। पंप पर तेल नहीं होने से ग्राहक वापस लौट रहे हैं। तेल क्यों नहीं भेजा जा रहा है और कब आएगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

3- बाढ़ के एकडंगा स्थित जय मां सर्विस के संचालक चुन्नू सिंह का कहना है कि 14 दिन से तेल नहीं आया है। 8 लाख रुपए जमा होने के बाद भी पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति कंपनी नहीं करा रही है। चालान बनने के बाद भी निरस्त कर दिया जा रहा है। कोई वाजिब जवाब भी नहीं दिया जा रहा है कि आखिरकार आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही है।
यह जानकारी आपके लिए जरूरी है
– भारत कई देशों से 85 प्रतिशत क्रूड ऑयल आयात करता है।
– अक्टूबर 2019 में क्रूड ऑयल का भाव 59.07 डॉलर प्रति बैरल था।
– दिसंबर 2019 में क्रूड ऑयल 65 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
– बीते शुक्रवार को क्रूड ऑयल में 4 प्रतिशत की तेजी आई है।
– अगर क्रूड ऑयल की कीमत 75 डॉलर प्रति बैरल हो गई तो पेट्रोल का दाम 90 रुपए प्रति तक लीटर पहुंच जाएगा।
– पटना में अभी भारत पेट्रोलियम कंपनी पर अधिक असर है। यही हाल रहा तो बाकी भी प्रभावित हो सकती हंै।
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