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मुजफ्फरपुर के सरैया प्रखंड में डायरिया से हुई थी बच्चों की मौ’त, 2 चिकित्सकों का वेतन सिविल सर्जन ने किया बंद

मुजफ्फरपुर के सरैया प्रखंड के धनपुरा में डायरिया के प्रकोप से दो बच्चे की मौ’त मामले में सम्बन्धित डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। इसके लिए दो चिकित्सक डॉ. मो.अब्दुला व डॉ. कन्हैया प्रकाश का वेतन बंद कर जवाब-तलब मांगा गया है। उक्त कार्रवाई CS डॉ. विनय शर्मा ने की है। इन पर आ’रोप है कि दोनों चिकित्सक APHC में पदस्थापित हैं, लेकिन लगातार अपने कर्तव्य पर अनुपस्थित रहते है। 17 सितम्बर को धनपुरा में डायरिया का प्र’कोप शुरू हुआ था।

दोनों डॉक्टरों से समर्पक किया गया। ये अनुपस्थित पाए गए थे। सूचना के बाद वहां पर नहीं आए। उसके बाद वहां पर तीसरे चिकित्सक डॉ. विधाता कुमार को वहां पर मॉनिटरिंग के लिए लगाया गया। लेकिन, वह भी सिविल सर्जन के आदेश के बावजूद वहां पर नहीं गए। इस बीच गडायरिया की स्थिति भ’यावह होती गई और देखते ही देखते दो बच्चे की मौ’त तथा दर्जन भर बीमा’र हो गए। सरैया PHC प्रभारी डॉ. दिनेशचन्द्र शर्मा ने CS को इसकी रिपोर्ट भेजी। CS ने दो डॉक्टरों का वेतन बंद कर दिया तथा तीनों से जवाब तलब किया है।

CS ने बताया कि जैतपुर APHC के डॉ. विधाता कुमार को डायरिया प्रभावित धनुपरा इलाके में सेवा के लिए लगाया गया। लेकिन उनकी ओर से आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। इसके कारण वहां पर इलाज संबंधी अव्यवस्था होने लगी तब दूसरे चिकित्सक को लगाया गया। CS ने इसे कार्य में लापरवाही व कर्तव्य से विमुख होने के साथ वरीय अधिकारी के आदेश का अवहेलना माना है। इसी आधार पर उक्त कार्रवाई की है।

बता दें की धनपुरा गांव में डायरिया के प्रकोप से दो बच्चों अखिलेश मांझी की बेटी भारती (5) और नन्दलाल मांझी का बेटा सोनू मांझी (9) की मौत हो गयी। वहीं एक दर्जन से अधिक बच्चे बीमार हुए। आननफानन में धनपुरा गांव में स्थित एक सरकारी स्कूल में पांच बेड का अस्पताल खोलकर 24 घण्टे डॉक्टर की तैनाती की गई थी। बच्चों की स्वास्थ्य जांच, ORS का वितरण भी किया गया था। एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी। ताकि इमरजेंसी होने पर तुरन्त मरीज को सदर अस्पताल या SKMCH पहुंचाया जा सके।

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