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मुजफ्फरपुर में 10 हजार घूस लेते दरोगा गि’रफ्तार / निगरानी की टीम ने चाय दुकान से दबोचा

मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने में तैनात दरोगा सदरे आलम को निगरानी की टीम ने 10 हजार रुपए घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। उसे गिरफ्तार कर निगरानी कार्यालय में लाया गया। वह केस में से नाम हटाने के लिए अहियापुर सिपाहपुर की महिला तब्बसुम आरा से रिश्वत ले रहा था। इसी दौरान थाना से कुछ दूरी पर स्थित एक चाय दुकान से निगरानी टीम ने उसे दबोच लिया।

विजिलेंस DSP सुरेंद्र कुमार मौआर ने बताया- ‘महिला ने शिकायत की थी। इस पर एक टीम बनाई गई थी। टीम ने रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच की तो मामला सत्य पाया। इसके बाद गुरुवार को सादे लिबास में 12 सदस्यीय टीम के साथ धावा बोला गया। दारोगा ने एक चाय दुकान में महिला को पैसा लेकर बुलाया था। जैसे ही उसने रुपये हाथ में लिए, तभी टीम ने उसे दबोच लिया।’ निगरानी के हत्थे चढ़ा दारोगा रुपए वाला बंडल फेंककर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन जवानों ने उसे दबोच लिया।

पुलिस-पब्लिक में हुई थी झड़प

बताया जाता है कि मई में बखरी चौक के समीप पुलिस ने बाइक सवार दो युवकों को जांच के लिए रोका था, लेकिन दोनों भागने लगे। इससे बाइक से गिर गए। जवानों ने दोनों को पकड़ा। उन्हें थाना लेकर जाने वाले थे। तभी सैकड़ों लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया और दोनों को हिरासत से छुड़ा कर ले गए। काफी संख्या में पुलिस फोर्स के पहुंचने के बाद अहियापुर थाना के ASI रामवचन राय और जवान वहां से निकल सके। ASI के बयान पर नौ नामजद और सैकड़ों अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। इसका IO दरोगा सदरे आलम को बनाया गया था।

FIR में नहीं था नाम

जांच के दौरान दरोगा ने महिला तब्बसुम आरा से करीब दो माह पहले सम्पर्क किया था। कहा था- ‘तुम्हारे बेटे आज़ाद का नाम केस में आ रहा है। नाम हटाने के लिए कुछ खर्चा देना होगा। महिला डर गई। उसने मिन्नत करते हुए कहा कि बेवजह बेटे का नाम घसीटा जा रहा है। उसे छोड़ दें। केस में नाम नहीं दें। इस पर दरोगा ने मौके का फायदा उठाते हुए 10 हज़ार रुपए रिश्वत की डिमांड कर दी।’

दो माह से चैन से सोई नहीं

महिला ने बताया- “दो माह से चैन की नींद नहीं सो सकी हूं। हर दिन दरोगा कॉल कर या घर पर आकर रिश्वत की डिमांड करता था। धमकी देता था कि जल्दी रुपये नहीं दिए तो बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज देगा।’

बताया जाता है कि महिला रुपए की जुगाड़ करने लगी। उसे ख्याल आया कि निगरानी विभाग में इसकी शिकायत की जाए। तब वह निगरानी कार्यालय में पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।

2020 में हुआ था थाना में तैनात

दरोगा सदरे आलम बगहा जिला के नारहा घोड़ासहन का रहने वाला है। वह 2009 बैच का दरोगा है। मार्च 2020 में अहियापुर थाना में तैनात था। बता दें कि उसके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें अक्सर मिलती रहती थी।

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