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घर में खड़ी गाड़ी का भी करवा लें थर्ड पार्टी इंश्योरेंस, वरना घर आएगा नोटिस, केंद्र ने राज्यों को दिया ये निर्देश

आपने अपनी गाड़ी घर में ही क्यों न खड़ी कर रखी हो, उसका थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराना जरूरी होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण के सहयोग से सभी राज्यों में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस सुनिश्चित करने को लेकर यह निर्णय लिया है। 

महाराष्ट्र सहित देश के कुछेक राज्यों ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह काम शुरू कर दिया दिया है। अभी सड़कों पर चलने वाली सभी गाड़ियों का ही थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की जांच की जा रही है। बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण केंद्र सरकार की एक एजेंसी है। 

यह सभी राज्यों के आरटीओ को यह जानकारी देगी कि किस गाड़ी चालक ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराया है और किसने नहीं। इसके बाद आरटीओ उन सभी गाड़ी मालिकों को नोटिस भेजेगा कि आपका इंश्योरेंस समाप्त हो चुका है। यही सूची यातायात पुलिस व डीटीओ ऑफिस में भी होगी, ताकि ऐसे गाड़ी को आराम से पकड़ कर जुर्माना किया जा सके।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस से यह है लाभ

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में बीमा कराने वाले को कोई फायदा नहीं होता, यह बात सही है। लेकिन बीमा कराने वाले को कोई घाटा भी नहीं होता। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराने वाले वाहन से अगर किसी को धक्का लगता है और उसकी मौत हो जाती है या वह घायल हो जाता है, तो बीमाधारक संबंधित बीमा कंपनी से पीड़ित को क्षतिपूर्ति दिला सकता है। अस्पताल का खर्च भी गाड़ी मालिक को देना नहीं होता है। बीमा कंपनी ही उस राशि का भुगतान करती है।

क्या है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस

थर्ड पार्टी बीमा को लाइबिलिटी कवर के नाम से भी जाना जाता है। यह बीमा तीसरे पक्ष से संबंधित होता है। अगर किसी ने वाहन का थर्ड पार्टी बीमा कराया है और कोई दुर्घटना होती है तो तीसरी पार्टी को बीमा कंपनी क्लेम देती है। यहां फर्स्ट पार्टी वाहन चलाने वाला और थर्ड पार्टी वाहन की चपेट में आने वाला होता है। वाहन की चपेट में आने वाले के आर्थिक नुकसान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को अनिवार्य कर दिया है।

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