मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में 31 लाख रुपया का कपड़ा और मसाला सजायाफ्ता कैदियों ने तैयार किया है। इसे मोतिहारी, बगहा और बेतिया जेलों में भेजा गया है। जेल अधीक्षक बृजेश कुमार मेहता ने इसकी जानकारी दी। बताया की कोरोना के कारण जेल के अंदर चलने वाले लघु उद्योग बंद पड़े थे। जुलाई में अनलॉक की घोषणा के बाद फिर से उत्पादन का काम शुरू किया गया। जिसका नतीजा रहा की दो माह में ही कैदियों की मेहनत रंग लाने लगी। अब तक 31 लाख रुपया का मसाला और कपड़ा तैयार कर भेज दिया गया। इससे जेल को भी अच्छे राजस्व की प्राप्ति हुई है।
1.40 लाख रुपए का मसाला भी बेचा गया
उन्होंने बताया की बगहा उपकारा को हल्दी, मिर्च और धनिया पाउडर भी 1.40 लाख रुपये का भेजा गया है। बताया जा रहा है की कोरोना को लेकर जेल के भीतर संचालित फैक्ट्रियों को मिलने वाला फंड बंद हो गया था। अनलॉक के बाद एक करोड़ की राशि मिली थी, जिससे उत्पादन शुरू किया गया। वर्तमान में 200 सजायाफ्ता कैदी प्रतिदिन कपड़ा और मसाला तैयार कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने पर जोड़ दिया जा रहा है।



तीन श्रेणियों में बंटे हैं बन्दी
जेल उपाधीक्षक सुनील कुमार मौर्य ने बताया की कैदियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। दो शिफ्ट में इनसे काम लिया जा रहा है। कैदियों को सरकार की ओर से तय दर पर भुगतान भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुशल श्रेणी में 156, अर्ध कुशल में 112 और अकुशल श्रेणी में 103 रुपए मेहनताना प्रतिदिन दिया जाता है। कैदियों का बैंक खाता भी है और उन्हें पासबुक भी दिया जाता है।





Leave a Reply