मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने केन्द्र सरकार को जाति जनगणना पर फिर से विचार करने को कहा है, लेकिन लालू प्रसाद की बेटी डॉ. रोहिणी आचार्या ने इस मामले में अपने कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने कहा है कि ‘ बीजेपी का जो यार है.. जातीय जनगणना का विरोधी नीतीश कुमार है’। उन्होंने आगे लिखा है- ‘ भ्रम के जाल में उलझा, नीतीश कुमार कुर्सी का भूखा है।’ डॉ. रोहिणी ने लिखा है कि- ‘ओबीसी समाज के हितों का दुश्मन बीजापी का यार नीतीश कुमार है।’
राजद पहले ही यह मांग रख चुका है
राजद ने पहले ही कहा है कि अगर केन्द्र सरकार ने जाति जनगणना को अनुमति नहीं दी तो राज्य सरकार को अपने खर्चे से यह कराना चाहिए, लेकिन केन्द्र के इनकार के बाद नीतीश कुमार ने अपने खर्चे से जाति जनगणना कराने की कोई बात नहीं कही है। हां वे बिहार के नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे यह जरूर कहा है।


लालू प्रसाद का गुस्सा दिख रहा है
लालू प्रसाद ने पहले ही जाति जनगणना के सवाल पर कहा है कि बीजेपी और RSS को पिछड़ों और अति पिछड़ों से इतनी नफरत क्यों है? जाति जनगणना राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण पहल है। भाजपा चाहती है कि देश में आर्थिक, सामाजिक असमानता बनी रहे ताकि मुट्ठी भर लोग देश की बहुसंख्यक आबादी का हक, अधिकार और हिस्सा खाते रहें और संसाधन पर कुंडली मारे बैठे रहें।



तेजस्वी ने 33 नेताओं को पत्र लिखा
तेजस्वी यादव इस पर पहले ही बिहार के कई नेताओं समेत कुल 33 नेताओं को पत्र लिख कर इस पर समर्थन देने की अपील कर चुके हैं। बिहार के नेताओं में से नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी, मुकेश सहनी और अख्तरुल ईमान को तेजस्वी पत्र लिख चुके हैं।





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