#VAISHALI की बेटी को इंसाफ दिलाने की पटना की सड़कों पर उतरा भूमिहार ब्राह्मण समाजिक फ्रंट, निकाला कैंडल मार्च
VAISHALI : वैशाली (करनौती) की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए भूमिहार ब्राहमण सामाजिक फ्रंट द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च कारगिल चौक से निकलकर शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए जेपी गोलंबर पहुंचा जहां सभा के रूप में तब्दील हो गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता फ्रंट के कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर शर्मा ने किया। जबकि कैंडल मार्च का नेतृत्व फ्रंट के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा और कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री ई०अजीत कुमार संयुक्त अगुवाई में निकाला गया। कैंडल मार्च में शामिल लोग वैशाली पुलिस उदभेन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। वे घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे थे।




फ्रंट के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री ई०अजीत कुमार ने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वैशाली की बेटी की हत्या की गुत्थी को वैशाली पुलिस विफल रही है वैशाली पुलिस जो घटना को सुलझाने का दावा किया है बिल्कुल तर्कसंगत नहीं है ना ही किसी को यह कहानी पछता है। उन्होंने कहा पुलिस का बयान और घटना दोनों में कहीं कोई तालमेल नहीं है। यदी बिहार सरकार चाहती है की बेटी को न्याय मिले, तो पूरे मामले की जांच सीबीआई करवाये। क्योंकि सत्ताधारी दल के एक वरीय नेता बेटी को न्याय दिलाने में बाधक बने हैं।


यह किसी से छुपा नहीं है।सबसे हैरत की बात यह है कि घटना में शामिल आरोपियों में दो जिले के लोग शामिल है। जिसमें एक पेशेवर अपराधी है। अब सवाल उठता है कि दो जिलों के अपराधी अहले सुबह घटनास्थल पर क्या कर रहे थे? अगर मामला सिर्फ छेड़छाड़ का था, तो फिर हत्या क्यों की गई? ऐसे कई अहम सवाल है जिसका जवाब न तो सरकार के पास है और ना ही पुलिस दे रही है। कल गुरुवार को कुछ तथ्यों के साथ फ्रंट का प्रतिनिधिमंडल परिजन के साथ वैशाली एसपी से मिलकर उन्हें तथ्यों से अवगत कराएगा। परिजन के साथ इसलिए हमारे फ्रंट का साथ ही उन बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच का मांग करेगा।
फ्रंट के अध्यक्ष पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा इस घटना ने बेटी की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दियाहै। यह घटना निंदनीय है। एक तरफ हम अपने बेटी को सशक्त बनाने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की घटना हमारे पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना से समाज के बेटियों में भय का माहौल पैदा हुआ है। उसे दूर करने के लिए हमें उनकी सुरक्षा का हर हालत में इंतजाम करना होगा और इसकी सबसे बड़ी जवाबदेही सरकार की है।

इस अवसर पर कैंडल मार्च में डॉ अरुण कुमार, डॉ श्याम नंदन शर्मा, प्रोफेसर योगेंद्र सिन्हा, पूर्व कुलपति डॉ अरविंद पांडे, सुमित सरकार, राजेश सिंह, राजीव रंजन, प्रमोद सिंह, जग नारायण तिवारी, रविंद्र प्रसाद सिंह , राजकुमार ठाकुर, के के प्रशांत ,रजनी कांत शुक्ला, रितेश कुमार कन्हैया, पी एन सिंह आजाद, संजय ठाकुर फौजी सहित कई प्रमुख लोग शामिल थे।






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