
देश में महंगाई होने का दावा करते हुए पार्टी द्वारा राफेल खरीद पर सवाल उठाने के साथ ही नीरव मोदी, ललित मोदी, विजय माल्या के देश छोड़कर भागने पर तंज कसा गया है। सूखा, शराब माफिया व घुसखोरी का भी आरोप केंद्र सरकार पर लगाया गया है। केंद्र की सरकार को जुमलों की टोकरी बताई गई है। वहीं, पोस्टर के एक हिस्से में बिहार सरकार पर निशाना साधा गया है। सृजन घो’टाला का आ’रोप लगाया गया है। साथ ही अपराध और कानून-व्यवस्था के मसले पर सरकार पर निशाना साधा गया है। हत्या, ब’लात्कार, लू’ट में वृद्धि का आ’रोप है। महंगाई से जनता के प’रेशान होने का जिक्र है। रोजी-रोजगार, छात्रवृत्ति, हर घर नल का जल आदि पर सवाल उठाए गए हैं। राजद ने अपने पोस्टर में राज्य सरकार की घोषणाओं को झूठ की टोकरी की संज्ञा दी है।जदयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने राजद के पोस्टर पर प’लटवार करते हुए आ’रोप लगाया कि राजद का 15 वर्षों का शासन जनगलराज का था, जबकि नीतीश कुमार का शासन सुशासन और विकास का है। श्री निषाद ने कहा कि लालू-राबड़ी के 15 वर्षों के राज में बिहार नरसंहारों से रक्तरंजित रहा।

अदालत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि लालू-राबड़ी राज में बिहार में शासन व्यवस्था नाम की कोई चीज नही हैं। नेताओं, अ”पराधियों एवं नौकरशाहों की मिलिभगत से लालू-राबड़ी राज में अपहरण एवं फिरौती उद्योग बन गया था। सुशासन के तहत जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आवेदकों के मामलो को निपटाया गया। तालीमी मरकज, उत्प्रेरण केन्द्रों के माध्यम से लाखों बच्चों को स्कूलो में दाखिला करा कर मुख्य धारा से जोड़ा गया। बिहार में हजारों पुल-पुलियों का निर्माण किया गया। हर घर बिजली योजना समय से पहले बिहार ने पूरा कर कीर्तिमान स्थापित किया।




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