जेल के अंदर ह’त्या का मा’मला जे’ल प्रशासन पर सवाल खड़ा कर रहा है। जे’ल के अंदर पि’स्टल आने के बाद जे’ल अस्पताल में इ’लाजरत कै’दी की ह’त्या ने हाजीपुर जेल प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घट’ना ने पूरी व्यवस्था की पोल खो’लकर रख दी है। जेल के दक्षिण दिशा की तरफ लेकर मुख्य सड़क की तरफ से भी गेंद या किसी भारी चीज में बांधकर कोई चीज अंदर काफी आसानी से पहुंचा दी जाती है। कई बार इस तरह की घ’टनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जे’ल प्रशासन द्वारा कोई का'”र्रवाई नहीं हुई। जिस पि’स्टल से मनीष की ह’त्या की गई है, वो पि’स्टल कुछ दिन पहले ही जे’ल के बाहर से जे’ल के भी”तर फेंक”वाकर मंगाया गया था।

आ’रोपित ने अपना जु’र्म स्वीकार कर लिया है। ह’थियार भी ब”रामद कर लिया गया है। आपसी विवाद में घट’ना को अंजाम दिया गया है। ह”थियार कैसे जे’ल में पहुंचा, जांच हो रही है।
-उदिता सिंह, डीएम, वैशाली
अस्पताल परिसर से पुलिस के द्वारा लोगों को अस्पताल परिसर से अव्याहरिक ढं”ग से हटाने और पुलिसिया कार्र’वाई को लेकर पुलिस और लोगों के बीच थोड़ी देर के लिए ज’मकर नो’क-झों’क हुई। हो-हल्’ला शुरू हो गया। बाद में वहां पर पहुंची भारी पुलिस फोर्स ने स्थिति को काबू में किया।

अस्पताल परिसर में अफसरों की दौड़ती रहीं गाड़ियां
जे’ल में हुई ह’त्या की घ’टना के बाद सदर अस्पताल में पुलिस के वरीय अधिकारियों की गाड़ियां देर रात तक आती-जाती दिखीं। घा’यल कै’दियों में हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के लाल पोखरा निवासी प्रिंस कुमार, प्रिंस कुमार, बागदीप सिंह, चंदन और रामजी पासवान को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इ”लाज किया जा रहा है। जेल अस्पताल में झ’ड़प के दौ’रान ये लोग घा’यल हुए।
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