मुजफ्फरपुर के टाउन थाना क्षेत्र के बालूघाट में शनिवार की रात केमिकल ब्लास्ट मामले को पुलिस ने काफी हद तक सुलझा लिया है। मौके से मिले श’व की पहचान राकेश के रूप में हुई, जिसकी हत्या पांच दिन पहले गला का’टकर की गई थी। कमरे से चा’कू और ह’थौड़ी बरामद हुआ है। साक्ष्य छिपाने के लिए उसका श’व ड्रम में रख दिया गया था। इसके बाद ड्रम में नमक, तेजाब और यूरिया डाल दिया गया था। कमरे से बदबू न निकले, इसके लिए जगह-जगह फिनाइल की गो’ली और ब्लीचिंग पाउडर डाला गया था। कमरे से खून बाहर न निकले, इसके लिए आरो’पितों ने नाली को जाम कर दिया था।

मृ’तक के भाई दिनेश ने पुलिस को बताया कि राकेश छह दिनों से घर से लापता था। दिनेश की पत्नी राकेश को खोजते हुए बालूघाट वाले कमरे पर पहुंची। यहां राकेश की पत्नी राधा ने झांसा देकर दिनेश की पत्नी को लौटा दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि बे’होशी की हालत में राकेश की हत्या की गई होगी। उसे पहले पेय पदार्थ में नशा मिलाकर पिलाया गया होगा। जब वह बेहो’श हो गया होगा, तब उसकी गला रे’तकर ह’त्या कर दी गई होगी।
पुलिस जांच में पता लगा कि शव को गलाने के लिए ड्राम में यूरिया, नमक और तेजाब रखा गया था, जिसने मिलकर एक ऐसे केमिकल का रूप ले लिया, जिससे गैस निकलने लगी। यह धीरे-धीरे फैलने लगा। आरो’पियों ने ड’र के अवशेषों को जलाना चाहा लेकिन उससे निकल रही गैस के चलते जोरदार धमाका हो गया।

दिल्ली से बुलाकर की गई हत्या
पुलिस जांच में पता लगा कि राकेश और हत्या के मुख्य आरोपी सुभाष शराब का धंधा करते थे। राकेश के ठिकाने से पहले भी पुलिस ने शराब बरामद की थी और उसके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी था। वह दिल्ली में छिपकर रहता था। तीज के पर्व पर उसकी पत्नी ने उसे बुलाया था। इसके बाद सुभाष समेत अन्य ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।

पत्नी से सुभाष का अवैध सम्बन्ध
राकेश के दिल्ली जाने के बाद सुभाष उसके परिवार की देखभाल करता था। इसी दौरान राकेश की पत्नी राधा से उसका अवैध सम्बन्ध बना। इसकी भनक राकेश को लग चुकी थी। जब वह दिल्ली से आया तो उसने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर राधा, सुभाष, राकेश की साली कृष्णा और साधु विकास ने मिलकर एक साजिश के तहत हत्या कर दी। इन सभी के खिलाफ दिनेश के बयान के आधार पर FIR दर्ज किया गया है।


आरोपित सुभाष।
कई टु’कड़ों में का’टा गया था श’व
पुलिस का कहना है कि राकेश का शव कम से कम 7-8 टुकड़ों में काटा गया था। इसके बाद ड्रम में रख दिया गया था, हालांकि कमरे से सिर्फ एक चाकू बरामद हुआ था। पुलिस आशंका जता रही है कि हत्या में प्रयुक्त हथियार को छुपा दिया गया है, जिसकी तलाश जारी है। इधर, हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए SSP जयकान्त ने 21 सदस्यीय टीम गठित की है। सभी आरोपित घटना के बाद से फरार हैं। टीम अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही है।




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