
जब तक लोग कुछ समझते तब तक अप’राधियों ने छह गो’ली दा’ग दी। तीन गो’ली उनके सिर और आ’सपास लगी। लोग कुछ समझते और कर पाते तब तक अ’पराधी वहां से हथि’यार ल’हराते हुए महुआ की ओर निकल भागे।हालांकि एक आ’ल्टो सवार पति-पत्नी ने दि’लेरी दिखाई और अप’राधियों को पीछा किया, लेकिन वे मार्ग बदलकर फुलवरिया गांव के रास्ते पूरब दिशा की ओर भा’ग निकले। उधर, गोली लगने के बाद कुर्सी से गिरे कन्हौली के पैक्स अध्यक्ष सह पंसस मनीष कुमार सिंह को लोगों ने आ’नन-फा”नन में महुआ मंगरू चौक के निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृ’त घोषित कर दिया। इसके बाद लोग श’व को घर ले आए। बताया गया कि घर पर पै’क्स अध्यक्ष का श’व कुछ देर रखने के बाद लोगों को श’व में कं’पन महसूस हुई तो फिर हाजीपुर इ’लाज के लिए वे लोग लेकर गए, लेकिन वहां पर भी डॉक्टरों ने उन्हें मृ’त घोषित कर दिया। बाद में लोग श’व हाजीपुर से लेकर आए और अप’राधियों की गि’रफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन के खि’लाफ सड़क जाम कर हंगा’मा शुरू कर दिया।घट’ना के बाद लोगों ने छह घंटे तक किया रोड जाम गो’ली मा’रकर ह’त्या की घट’ना के बाद आ”क्रोशित लोगों ने महुआ-हाजीपुर मार्ग को कन्हौली पाता में कुत्तुबपुर शामल गांव में मृ’तक के घर के पास ही जा’म लगा दिया। सड़क जाम के दौ”रान यहां लोगों ने कोई उप’द्रव नहीं किया। लोगों का कहना था कि जब घर पर चढ़कर अप’राधी दिन-द’हाड़े गो’ली मा’रकर ह’त्या कर दे रहे हैं, तो पुलिस किस काम की है। लोगों ने आ’रोप लगाया कि पुलिस ग’श्त नहीं करती है।

अगर पुलिस की गज़श्ती होती, तो शायद अप’राधी इस तरह से अप’राध की घ’टना को अंजाम नहीं दे पाते। घ’टना की खबर सुनकर कन्हौली, फुलवरिया, कुत्तुबपुर, सैदपुर, मांसीपुर, सिंहपुर, मानपुरा, गोरीगामा, कढ़निया आदि एक दर्जन गांव के सैकड़ों हजारों लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने घ’टनास्थल से एक जिंदा कार’तूस के अलावा चार खो’खा ब’रामद किया है। उधर, पुलिस ने शाम 4:15 बजे श’व को क’ब्जे में लेकर पोस्टमा’र्टम के लिए हाजीपुर भेजा। इसके बाद गाड़ियों की परिचालन शुरू हो सका।कन्हौली के कुत्तुबपुर शाहमल गांव वासियों के लिए गुरुवार काला दिन साबित हुआ। मृ’तक मनीष की तीन बहन और दो भाई हैं। जब भाई की मौ’त की सूचना बहन रिंकू, नूतन और रीना को ससुराल में मिली तो वे भागी-भागी पहुंचीं और भाई के श’व पर सिर पटक-पटक कर वि’लाप करने लगी। उनके विलाप से वहां मौजूद भी’ड़ गमगीन हो गई। मृतक की पत्नी गूंजा तो हो’श-ह’वाश खो बैठी है। वह स”दमें में है। गूंजा की शादी करीब डेढ़ दशक पूर्व हुई थी पर संतान नहीं हुई थी। गूंजा पिछली बार कन्हौली विशनपसी पंचायत से पंचायत समिति सदस्य पद से जीती थी और बाद में पति मनीष ने अपना नामांकन किया और वे वर्तमान में उक्त पद पर थे। मृतक की मां सावित्री देवी, भाई सुधीर और मुन्ना बाहर निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं। यह मनहूस खबर सुनकर वे घर चल दिए हैं।




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