बरसात में बच्चों के पेट में कीड़े का खतरा है। यह कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बड़ा खतरा बन सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग 1 से 19 साल तक के बच्चों को कीड़े की दवा देने के लिए अभियान चला रहा है। इस क्रम में बिहार के 13 जिलों के 3606 सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में अभियान चलाकर दवाई खिलाई जाएगी। 13 चिन्हित जिलों के 200 प्रखंडों में दवा देने के लिए 33307 आशा कार्यकर्ता को लगाया गया है। 1 से 19 वर्ष के बच्चों को डॉक्टर से सलाह लेकर कीड़े की दवा लेने की सलाह दी जा रही है।
1 से 19 वर्ष के बच्चों को लेकर अभियान
बरसात के दिनों में कृमि मुक्ति को लेकर बिहार सरकार ने विशेष तैयारी की है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का बारहवां चरण चल रहा है। 21 सितंबर तक एक विशेष अभियान के तहत बच्चों को कीड़े की दवाई दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 1 से 19 साल के 2.16 करोड़ बच्चों को दवा देने का बड़ा लक्ष्य है। इसके लिए बच्चों के साथ किशोर, किशोरियों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाई जाएगी। यह अभियान राज्य के 13 चयनित जिलों में चलाया जा रहा है।



200 प्रखंडों में दी जाएगी दवा
बिहार के अरवल, भोजपुर, दरभंगा, वैशाली, मधुबनी, नालंदा, नवादा, किशनगंज, समस्तीपुर, पुर्णिया, गया, लखीसराय और रोहतास सहित 13 जिलों के कुल 200 प्रखंडों के 33606 सरकारी एवं निजी स्कूल तथा 37254 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 1 से 19 वर्ष के बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। अभियान में समेकित बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग से सहयोग लिया जा रहा है। राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य, डॉ. बीपी राय का कहना है कि कृमि संक्रमण बच्चों के मानसिक एवं बौद्धिक विकास में बाधक हाेता है।

पेट में कीड़े से बच्चों में कुपोषण का खतरा
डॉ. बीपी राय का कहना है कि कृमि संक्रमण बच्चों के मानसिक एवं बौद्धिक विकास में अवरोध तो होता ही है साथ ही इससे बच्चों में कुपोषित होने की संभावना बढ़ जाती है। संक्रमण से ग्रसित बच्चा भोजन के तमाम पोषक तत्वों को अपने शरीर में समाहित नहीं कर पाता है। कृमि संक्रमण एक प्रमुख जन स्वास्थ्य समस्या है और यह बच्चों और किशोरों की शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास में बाधा उत्पन्न करता है। नियमित कृमिनाशक दवा सेवन से बच्चों और किशोरों में कृमि के संक्रमण को समाप्त किया जा सकता है। कृमि मुक्ति बच्चों एवं किशोरों के सर्वांगीण विकास में मदद करता है।

एविडेंस एक्शन के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक नृपेन्द्र कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम आज से 21 सितंबर तक चलेगा। कृमि मुक्ति की दवा का सेवन कृमि संक्रमण से निजत पाने एवं इससे बचाव का सर्वोत्तम साधन है। एलबेंडाजोल विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुमोदित दवा है, जिसका उपयोग भारत सहित पूरे विश्व में बच्चों और किशोरों में आंत के कृमि संक्रमण को रोकने के लिए किया जाता है। मार्च 2021 में हुए कृमि मुक्ति अभियान में राज्य के 1.55 करोड़ बच्चे कृमि मुक्त हुए थे।




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