मुज़फ़्फ़रपुर जंक्शन पर गुरुवार को सोनपुर मंडल के डीआरएम नीलमणि निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने करीब चार घंटें तक जंक्शन पर कई बिंदुओं पर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जंक्शन का प्लेटफार्म 4, 5 व फुटओवरब्रिज अगले वितिय वर्ष में तैयार हो जाएगा। साथ ही कहा कि यात्री की संख्या बढ़ने पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी।
निरीक्षण के दौरान डीआएम ने प्लेटफॉर्म चार के निर्माण का जायजा लिया। इसके अगले वित्तिय वर्ष तक पूरा होने और यात्रियों के लिए खोलने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से काम की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। लेकिन, अब पुन: रफ्तार पकड़ लिया है। इसके निर्माण से लंबी रैक वाली ट्रेनों के ठहराव में सुविधा होगी। साथ ही कहा कि मालगोदाम चौक से बटलर की ओर निकलने वाली फुटओवर ब्रिज के निर्माण की गति को और तेज करने का निर्देश दिया गया।



वेटिंग हॉल की AC बंद व शौचालय में गंदगी देखकर भड़के
निरीक्षण की शुरूआत डीआरएम ने क्रू लॉबी से किया। उक्त लॉबी में उन्होंने गार्ड व लोको पायलट के संबंधित रजिस्टर की जांच की। फिर, कर्मचारियों से समय-सारणी को लेकर पूछताछ किया। ड्यूटी चार्ज भी देखा। इसके बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियरिंग ऑफिस पहुंचे। फिर, वहां से निरीक्षण करने के बाद डीआरएम सीधे वेटिंग हॉल पहुंचे। जहां एसी बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मौके पर बिजली सेक्शन के पदाधिकारी से पूछताछ किया।

इसके बाद उक्त वेटिंग हॉल के शौचालय का निरीक्षण किया। शौचालय के भीतर गंदगी व बदबू आने पर भड़क गए। इसके अलावा, वेस्टन टॉयलेट नहीं होने पर आपति भी जताया। शौचालय और वेटिंग हॉल की जांच के बाद काफिला पूछताछ कांउटर होते हुए सर्कुलेटिंग एरिया में पहुंचा, जहां से पॉकिग और सर्कुलेटिंग एरिया का निरीक्षण किया। इस दौरान कई गेट बंद मिले। सर्कुलेटिंग एरिया में बंद शौचालय को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उसे खोलवाने की कवायद करने की बात कही।
लंबे समय से बंद स्वचालित सीढ़ी के संबंध में भी बिजली विभाग के अधिकारियों से गहनता से पूछताछ की। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि कोविड की वजह से इसे बंद किया गया था। अब स्थिति सामान्य होने के बाद इसे खोलने की कवायद की जा रही है। डीआरएम ने कोचिंग डिपो के साथ रेलवे अस्पताल का भी निरीक्षण किया।

टूटे टाइल्स देखकर इंजीनियरिंग विभाग से ऑनस्पॉट जवाब किया तलब
निरीक्षण के दौरान सर्कुलेटिंग एरिया व प्लेटफॉर्म पर कई जगह टूटे टाइल्स मिले। इसे लेकर इंजीनियरिंग विभाग से ऑनस्पॉट जवाब तलब किया गया। उन्होंने कहा कि वहां पर वाहनों का परिचालन नहीं हो। इसके लिए बैरिकेडिंग की जाए। वहीं एंट्री, एक्जीट के बारे में पूछताछ की। इसमें यात्रियों की संख्या व ट्रेनों के आवागमन के बारे में जाना। इसके अलावा डीआएम ने जंक्शन पर हो रहें निर्माण कार्यो की अधिकारियों के साथ समीक्षा की। शाम करीब पांच बजे विशेष निरीक्षण यान से सोनपुर लौट गए।
इधर, रेलवे के वीवीआईपी कक्ष में मीडिया से बातचीत के दौरान डीआरएम ने बताया कि पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन मुख्यालय स्तर से पैसेंजर के अनुपात में बढ़ाया जा रहा है। जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढेगी। ट्रेनों की संख्या बढ़ायी जाएगी। वहीं, यूटीएस काउंटर की भी संख्या आने वाले दिनों में बढ़ायी जाएगी। इस दौरान रेलवे के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।



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