मुजफ्फरपुर के ब्रह्नपुरा थाना पर गुरुवार को एक महिला आत्मदाह करने पहुंची। उसके हाथ में पेट्रोल से भरा डब्बा था। वह चीख-चीखकर कहने लगी- अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं आत्मदाह कर लुंगी। उसने हाथ में पेट्रोल का डब्बा रखा था। ऐसे में जैसे ही उसने डब्बा खोलने का प्रयास किया, यह देखकर थाना पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। एक जवान ने फुर्ती दिखाते हुए महिला के हाथ से पेट्रोल से भरा डब्बा छीना और उसे पानी पिलाकर शांत करवाया।
इस दौरान जब थानेदार अनिल गुप्ता पहुंचे। जैसे ही उन्हें आत्मदाह की जानकारी मिली उन्होंने महिला को रोक लिया। कहा कि ये गैरकानूनी है। इसपर पीड़िता ने कहा कि पांच दिन से वह थाना पर अपने पति समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए चक्कर काट रही है। ये कहां का कानून है ? थानेदार ने उसे समझाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद महिला वहां से निकली।



मीडिया से बात करते हुए पीड़िता अर्चना देवी ने बताया कि उसकी शादी 19 साल पूर्व हुई थी। उसका पति कंपाउंडर का काम करता है। उसे एक लड़का और एक लड़की है। वह ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के संगम चौक की रहने वाली है। पीड़ित का आरोप है कि उसका पति और देवर समेत अन्य लोग पुश्तैनी ज़मीन बेचकर रुपये बर्बाद कर रहा है। बच्चों की स्कूल फीस भी नहीं दे रहे है। ऐसे में जब उसने इसका विरोध किया और फीस के लिए पैसे मांगने गई तो उसके साथ लड़ाई-झगड़ा और मारपीट किया गया। पांच दिन पूर्व भी उसके साथ मारपीट कर घर से भगा दिया गया था। जिसके बाद मैंने थाना में आवेदन दिया। लेकिन अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं पीड़िता ने आगे SSP से शिकायत करने की बात भी कही है।
एक साल से सह रही प्रताड़ना :

अर्चना कहती है कि वह एक साल से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना सह रही है। सोचती थी, पति का रवैया उसके और बच्चों के प्रति बदल जायेगा। लेकिन दिन प्रतिदिन और बिगड़ता चला गया।
FIR लायक आवेदन नहीं दिया था :

इधर, थानेदार का कहना है की महिला ने FIR लायक आवेदन नहीं दिया था। आवेदन में जो बात लिखी थी उसपर कार्रवाई की गई है। उसके पति को बुलाकर समझा दिया गया था। पहले भी मामले को लेकर ये लोग कई बार मोहल्ले में पंचायत कर चुके हैं। अगर FIR लायक आवेदन मिलेगा तो निश्चित रूप से केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।



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