प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को भाजपा हर साल ‘सेवा सप्ताह’ के रूप में मनाती रही है, लेकिन इस साल अभियान को ‘सेवा और समर्पण अभियान’ के रूप में विस्तार दिया गया है। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक यह अभियान चलेगा। 17 सितंबर से यह अभियान इसलिए शुरू हो रहा है, क्योंकि इस दिन पीएम का जन्मदिन है और 7 अक्तूबर 2001 को वे पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। इसलिए 7 अक्टूबर को अभियान का समापन हो रहा है।
71वां जन्मदिन मनाने की भाजपा ने जोरदार तैयारी कर रही भाजपा
PM मोदी के जन्मदिन को सेवा और समर्पण अभियान के तौर पर मनाया जाएगा। आज से ही अनौपचारिक रूप से इसकी शुरूआत हो गई है। पार्टी कार्यालय में आज प्रधानमंत्री का भाजपा कला संस्कृति मंच की तरफ से जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस जन्मोत्सव में प्रधानमंत्री का सैंड आर्ट बनाया जा रहा है। 71वें जन्मदिन पर 71 वर्गफीट का सैंड आर्ट कॉलेज के छात्र तैयार कर रहे हैं। इस सैंड आर्ट में नरेंद्र मोदी भगवा रंग की बंडी में दिखेंगे। सैंड के आलावा शाम में भाजपा कार्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। सेवा समर्पण अभियान को भाजपा 20 दिन का मेगा इवेंट बनाने जा रही है। 17 सितंबर को पीएम की सालगिरह से शुरू होगा। प्रधानमंत्री की 20 साल की सार्वजनिक सेवा के उपलक्ष्य में इसे पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान बड़े पैमाने पर स्वच्छता और ब्लड डोनेशन कैंपेन के साथ कई अन्य कार्यक्रम आयोजित करने का प्लान है।


आर्ट कॉलेज के छात्र इस सैंड आर्ट को तैयार कर रहे हैं।
नदी-तालाबों को साफ करने से लेकर रक्त दान तक का चलायेंगे अभियान
बिहार में पार्टी के कार्यकर्ता नदी-तालाबों को साफ करने के लिए अभियान चलाएंगे। कैंपेन के हिस्से के तौर पर होर्डिंग्स लगाई जाएंगी। इसमें पीएम मोदी को गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न और वैक्सीनेशन के लिए धन्यवाद दिया जाएगा। पार्टी सदस्यों को ऐसी विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन करने को कहा गया है जिनमें प्रधानमंत्री के जीवन से जुड़ी झलकियां दिखाई जा सकें। वर्चुअल ईवेंट्स नमो ऐप पर भी चलाए जाएंगे । पार्टी के बयान में कहा गया, ‘सभी जन प्रतिनिधि राशन वितरण केंद्रों पर जाएंगे और प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने के लिए वीडियो क्लिप बनाएंगे।’ यूथ विंग रक्तदान शिविर भी लगाएगी। प्रधानमंत्री मोदी के जीवन और उनकी उपलब्धियों से जुड़े ईवेंट्स में हिस्सा लेने के लिए जानी-मानी हस्तियों और बुद्धिजीवियों को बुलाया जाएगा। लोगों तक संदेश पहुंचे, इसके लिए अलग-अलग भाषाओं में दिग्गज शख्सियतों के लेख प्रकाशित किए जाएंगे।



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