मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना क्षेत्र के नन्दना गांव में मां और तीन बच्चों की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। इस संबंध में अधिवक्ता SK झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। उन्होंने गैस कंपनी के खि’लाफ शि’कायत दर्ज कराते हुए पीड़ित परिजनों को अविलंब मुआवजा दिलाने की मांग की है। कहा गया है की गैस कम्पनी की लापरवाही के कारण चारों की मौत हुई है।
अधिवक्ता ने लिखा है कि आम लोगों से उन्हें जानकारी प्राप्त हुई थी की गैस सिलेंडर काफी पुराना था। जिसे बदला नही गया था। अगर समय रहते सिलेंडर को बदल दिया जाता तो शायद ये हादसा नहीं होता। उन्होंने आयोग से आग्रह किया है की उक्त कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाए। जिससे पीड़ित परिवार को मदद मिल सके।


खाना बनाने के दौरान झुलस गए थे चारों
बता दें की 14 सितंबर को मीनापुर थाना क्षेत्र के नंदना गांव में रसोई गैस से हुए हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी। घटना में अशोक साह की पत्नी शोभा देवी, पुत्री दिपांजली(6), आदित्य(4) व विवेक(2) की मौत हो गई थी। घटना के बाद चारों को आनन फानन में एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया। चारों की मौत इलाज के दौरान हो गई। बताया गया की शोभा देवी बच्चों के लिए गैस पर खाना और दूध गर्म कर रही थी। इसी दौरान रिसाव होने से भीषण आग लग गयी थी।


मां ने अस्पताल में तोड़ दिया था दम
सभी को SKMCH लाया गया था। जहां तीन बच्चों ने इलाज़ शुरू होते ही दम तोड़ दिया। कुछ देर बाद मां की भी मौत हो गयी थी। डॉक्टर में बताया था की बच्चे 90% और महिला 75% से अधिक झुलस चुके थे। जिन्हें बचाना काफी मुश्किल था।




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