बिहार में घुसपैठ को लेकर सत्ताधारी पार्टियां फिर आमने-सामने हैं। भाजपा और जदयू के नेता घुसपैठियों पर आपस में उलझ गए हैं। घुसपैठ को भाजपा बिहार के सीमांचल इलाकों की समस्या बताती है, तो वहीं भाजपा के तथ्य को सहयोगी जदयू ने एक बार फिर नकार दिया है। जदयू के MLC गुलाम रसूल बलियावी ने भाजपा से आने वाले मंत्री से घुसपैठ का प्रमाण मांगा है।
बुधवार को भाजपा से आने वाले राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने कहा- ‘सीमांचल में बड़ी संख्या में घुसपैठ हो रहा है। मंदिर, मठ, भूदान की जमीन पर घुसपैठिए कब्जा कर रहे हैं। इनकी मदद विदेशी फंडिंग के जरिए की जा रही है।’
वहीं, इस बयान पर JDU नेता गुलाम रसूल बलियावी ने कहा- ‘यह बेवजह की बयानबाजी है और मंत्री को इसका प्रमाण देना चाहिए। अगर मंत्री इसका प्रमाण देते हैं, तो JDU धक्का देकर घुसपैठियों को बाहर करेगी।’

वोट बैंक की राजनीति में फंसा है घुसपैठ का मुद्दा
सीमांचल में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। विधानसभा में भी बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठने के बावजूद इस पर राज्य सरकार की तरफ से कभी भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सीमांचल में घुसपैठ की वजह से एक खास समुदाय के लोगों की आबादी तेजी से बढ़ी है। भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठाती तो रही है, लेकिन सरकार में रहने के बावजूद कार्रवाई नहीं कर सकी है। JDU हमेशा से ही इसे नकारती रही है।
बता दें कि, सीमांचल में किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, अररिया आदि जिले आते हैं।



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