BIHARBreaking NewsMUZAFFARPURSTATE

मुजफ्फरपुर : हमारा दायित्व है कि हम अपना अधिकांश काम हिंदी में करें : महाप्रबंधक

मुजफ्फरपुर : हमारा दायित्व है कि हम अपना अधिकांश काम हिंदी में करें : महाप्रबंधक
मुजफ्फरपुर। अपनी भाषा से ही किसी देश, समाज या व्यक्ति का समग्र विकास संभव है। हिन्दी में काम करना आसान है। यहां के लोग हिन्दी ज्यादा समझते है। इसलिए हमारा दायित्व है कि हम अपना अधिकांश काम हिंदी में करें। इसमें रेलवे का भी बड़ा योगदान है क्योंकि यह पूरे देश को एक सूत्र में बांधती है।
पूर्व मध्य रेल हाजीपुर मुख्यालय में आयोजित राजभाषा पखवाड़ा-2021 में महाप्रबंधक अनुपम शर्मा ने उक्त बातें कहीं। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हिंदी दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि रेल के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अधिक से अधिक काम राजभाषा में करें। निरीक्षण के समय राजभाषा संबंधी एक पैरा अवश्य दें। पखवाड़ा के दौरान अपना काम राजभाषा में सुचारू रूप से करें। राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के लिए अन्य रेलों से भी अनुभव साझा करें ताकि एक दिन पूर्व मध्य रेल को राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के क्षेत्र में प्रथम हो।

इस मौके पर अपने संबोधन में अपर महाप्रबंधक अशोक कुमार ने कहा कि पूर्व मध्य रेल ‘क’ क्षेत्र में स्थित होने के कारण यह जरूरी है हम अपना अधिकांश काम हिंदी में करें। हम सब हिंदी भाषी हैं इसलिए हिंदी में काम करने में कोई परेशानी नहीं है। आज कंप्यूटर में हिंदी में काम करना बहुत आसान हो गया है। राजभाषा के प्रयोग-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए हिंदी पखवाड़ा मनाये जाने पर बल दिया।

इस अवसर पर मुख्य राजभाषा अधिकारी राजेश कुमार ने महाप्रबंधक सहित आगत अतिथियों और अधिकारियों का स्वागत करते हुए राजभाषा पखवाड़ा-2021 के आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से राजभाषा पखवाड़ा कार्यक्रम में अपनी सहभागिता देने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि आज से प्रारंभ हुआ राजभाषा पखवाड़ा 15 दिनों तक चलेगा। इस दौरान हिंदी निबंध, वाक्य एवं टिप्पण व प्रारूप लेखन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक व पखवाड़ा समापन समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागी व हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को पुरस्कार वितरण के साथ समापन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

राजभाषा विभाग द्वारा प्रकाशित ‘वैशाली’ पत्रिका के अंक-21 का विमोचन महाप्रबंधक ने किया। राजभाषा पखवाड़ा उद्घाटन समारोह में ‘हिंदी के विकास में भारतीय रेल का योगदान’ विषय पर विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में अतिथि वक्ता के रूप में द्वारिका राय ‘सुबोध’, वरिष्ठ कवि व प्रभात कुमार, सकाधि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

वरिष्ठ कवि द्वारिका राय ‘सुबोध’ ने हिंदी के विकास में भारतीय रेल का योगदान विषय पर सारगर्भित वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि हिंदी को भारतीय रेल ने बड़ा सहयोग दिया है। जहां-जहां रेल की पटरी गई उसके साथ-साथ हिंदी भी गई। उन्होंने साहित्य और भाषा के संबंध में प्रकारांतर से अपनी बाते रखीं। उनका कहना था कि लोकप्रियता से बड़ी है जनप्रियता और हिंदी जनप्रिय भाषा है। परंतु हमें सभी भाषाओं को बराबर सम्मान और आदर देना चाहिए।

प्रभात कुमार सकाधि ने कहा कि हिंदी भारत के राष्ट्रीय आंदोलन की भाषा है। अंग्रेजों के विरूद्ध हिंदी भारतवासियों के बीच माध्यम बनी। सांस्कृतिक रूप से हिंदी ने हमेशा देश को जोड़ा है। भारत में 1.5 प्रतिशत से अधिक लोग अंग्रेजी नहीं बोलते है। संसार में अधिकांश लोग हिंदी सीख रहे हैं, क्योंकि यह प्रेम की भाषा है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए अजीत प्रताप वर्मा, उप मुख्य राजभाषा अधिकारी सह उप मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर, डीएंडडी ने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि 24 सितंबर 2021 तक चलने वाले कार्यक्रमों को सफल और सार्थक बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। साथ ही उन्होंने महाप्रबंधक, अपर महाप्रबंधक, मुख्य राजभाषा अधिकारी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.