मुजफ्फरपुर के महाराजी पोखर में लगा CM नीतीश कुमार का शिलापट्ट टूटकर गिर गया। गुरुवार को स्थानीय लोगों और पोखर समिति के सदस्यों की नज़र इसपर पड़ी। तरह- तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी। असमाजिक तत्वों द्वारा इस शिलापट्ट को तोड़ने की आशंका जाहिर की गई है। बताया जा रहा है कि पोखर के समीप असमाजिक तत्वों का जमावड़ा शाम से लेकर देर रात तक लगता है। लोग सन्देह जता रहे हैं बुधवार देर रात ही इनमें से किसी ने तोड़ दिया होगा। पोखर समिति के सदस्य अनिल कुमार सिन्हा और अवधेश प्रसाद ने बताया कि 2019 में CM नीतीश कुमार ने इसका ऑनलाइन शिलान्यास किया था। पोखर के सौंदर्यीकरण के लिए राशि भी आवंटित की गई थी। लेकिन, दो साल बीतने के बाद पोखर का जीर्णोद्धार नहीं हो सका।



साफ-सफाई के साथ बनाना था स्टेप :
पोखर का सौंदर्यीकरण के लिए सबसे पहले साफ-सफाई होनी थी। इसके बाद स्टेप बनाया जाना था। लेकिन, अबतक कोई काम नहीं हो सका। अवधेश प्रसाद ने बताया कि जल-जीवन हरियाली मिशन को भी इसके लिए लिखा गया है। लेकिन, अभी तक कोई सुनवाई इस मामले में नहीं हुई है।

पहले छठ पूजा भी होता था :
बताया जाता है कि आज से दो पूर्व इस पोखर में छठ पूजा भी महिलाएं करती थी। इसका रकवा करीब छह एकड़ का है, जो अपने आप मे बहुत बड़ा है। अनिल सिन्हा बताते हैं आज से चार दशक पूर्व इस पोखर का लोग पानी भी पीते थे। लेकिन, यह आज पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।

चार पोखर का होना है सौंदर्यीकरण :
बताया गया की शहर के चार पोखर का सौंदर्यीकरण होना है। इसमे ब्रह्मपुरा पोखर, साहू पोखर, तीन पोखरिया और महाराजी पोखर है। ब्रह्नपुरा पोखर का काम शुरू हो चुका है। वहीं अन्य पोखरों का सौंदर्यीकरण का काम अभी रुका हुआ है।




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