एक ओर जहां शहरी क्षेत्र में लोग जलजमाव से अब भी जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बारिश रुकने के बाद भी बूढ़ी गंडक का पानी बढ़ रहा है। नदी शहर के सिकंदरपुर में शनिवार काे खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर थी। इससे चंदवारा, कर्पूरी नगर, झील नगर, शेखपुर ढाब, अहियापुर से मेडिकल कॉलेज के सामने और कांटी के मिठन सराय तक बाढ़ प्रभावितों की परेशानी और बढ़ गई है।
जलजमाव के कारण शहरी क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। बागमती का पानी कटौझा और बेनी बाद में घट रहा है। रेवा घाट में गंडक का पानी भी घट रहा है। लेकिन, शहरी क्षेत्र के साथ आसपास के मुशहरी, कांटी और मीनापुर प्रखंड के तीन हजार से अधिक घरों में अब भी पानी घुसा हुआ है। इधर, मोतीझील, मिठनपुरा, पीएंडटी काॅलोनी, बीबीगंज, चित्रगुप्त पुरी और वीसी लेन सहित कई अन्य इलाकों में जलजमाव कायम है।







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