नई दिल्ली. दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) से 22 करोड़ से ज्यादा लोगों संक्रमित हो चुके हैं. वहीं, करीब 46 लाख लोगों की मौत हो चुकी है. महामारी के इतने भयावह आंकड़ों के चलते देशों ने टीकाकरण की रफ्तार तेज कर दी है. कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ दो डोज के बाद अब जानकार तीसरे या बूस्टर डोज (Booster Dose) की बात पर जोर दे रहे हैं. हालांकि, ऐसे भी कई देश हैं, जो शुरुआती टीकाकारण के मामले में ही काफी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं.
विकासशील और कम आय वाले देशों में मुख्य रूप से हालात खराब हैं. ऐसे में तीसरे डोज की खरीदी में जुटे अमीर राष्ट्र भी निशाने पर आ गए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेडरोस अधानोम घेब्रेयसिस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने भी कई देशों में टीकाकरण के बिगड़े हाल के बीच तीसरा डोज खरीद रहे देशों के खिलाफ नाराजगी जताई थी.

हालांकि, अमेरिका में एक्सपर्ट्स इस बात को लेकर ‘स्पष्ट’ हैं कि समय के साथ वैक्सीन का असर कम हो जाएगा. इसके लिए वे इजरायल में बिगड़ते हालात को देख रहे हैं. उनका कहना है कि परेशानी कोई घातक मोड़ ले इससे पहले ही अमेरिका को कदम उठाने होंगे. सरकार के शीर्ष चिकित्सा सलाहकार डॉक्टर एंथॉनी फाउची ने कहा कि कोरोना वायरस से जो सबसे अहम सीख मिली है, वह है ‘उसके पीछे भागने के बजाए, उससे आगे रहो.’

ब्लूमबर्ग ट्रैकर के आंकड़े बताते हैं कि 13 देश ऐसे हैं, जहां 1 फीसदी से भी कम आबादी का आंशिक टीकाकरण हुआ है. जबकि, ऐसे 41 देश हैं, जहां टीकाकरण की दर 10 फीसदी से कम है. तंजानिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो, हैती, चैड, बुर्किना फासो, दक्षिण सुडान, बेनिन, तुर्कमेनिस्तान और मेडागास्कर जैसे देशों में टीकाकरण की दर सबसे कम है. अब उन देशों के बारे में जानते हैं, जो वायरस के खिलाफ अपनी जनता को तीसरा डोज देंगे.
ब्राजील: यहां अभी कई लोगों को दूसरा डोज मिलना बाकी है. वहीं, कुछ शहरों में जनता को तीसला डोज दिया जा रहा है. देश में पहले ही डेल्टा वेरिएंट को लेकर चिंताए बनी हुई हैं. एपी के अनुसार, ब्राजील में वेरिएंट का केंद्र कहे जा रहे रियो डी जेनेरियो में बूस्टर शॉट दिया जाने लगा है. कई शहरों में 6 सितंबर से तीसरा डोज मिलने लगेगा.
फ्रांस: यूरोप में डेल्टा वेरिएंट के प्रकोप के साथ ही फ्रांस ने 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को बूस्टर डोज देना शुरू कर दिया है. देश में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे नागरिकों को भी तीसरे डोज के लाभार्थियों में शामिल किया गया है.

साइप्रस: साइप्रस स्वास्थ्य कर्मियों, कमजोर इम्यून सिस्टम वाले हर उम्र के लोगों और 65 साल से ज्यादा आयु वाले नागरिकों को बूस्टर शॉट लगाएगा.
संयुक्त अरब अमीरात: UAE ने अप्रैल में घोषणा की थी कि वे सिनोफार्म वैक्सीन लेने वाले लोगों को दोनों डोज के 6 महीनों के बाद तीसरे डोज की पेशकश करेंगे. UAE पहला देश था, जिसने औपचारिक रूप से दुनिया को बूस्टर डोज से परिचित कराया था
अमेरिका: बाइडन प्रशासन अपने नागरिकों को टीकाकरण कराने के 8 महीनों के बाद बूस्टर डोज की सिफारिश कर रहा है.
जर्मनी: जर्मनी ने हाल ही में घोषणा की है कि वे एस्ट्राजेनेका या जॉनसन एंड जॉनसन के पूरे डोज ले चुके लोगों को सितंबर में बूस्टर डोज की पेशकश करेगा. जर्मनी के ऐलान के 48 घंटों से भी कम समय में WHO ने कम से कम 2 महीनों के लिए बूस्टर डोज पर विश्व स्तर पर मोरेटोरियम लगाने की बात कही थी.
ब्रिटेन: ब्रिटने के हेल्थ एंड सोशल केयर डिपार्टमेंट ने घोषणा की थी कि वे सितंबर में बूस्टर डोज देने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन वे देश की एक्सपर्ट एडवाइजरी पैनल की सलाह और हामी का इंतजार कर रहे हैं.

हंगरी: देश में हर उम्र के लोगों को बूस्टर डोज दिए जा रहे हैं. यहां लोगों से दूसरा डोज प्राप्त करने के बाद बूस्टर के लिए चार महीने का इंतजार करने की सिफारिश की गई है.
कंबोडिया: कंबोडिया ने भी कोविड-19 वैक्सीन के खिलाफ बूस्टर डोज देना शुरू कर दिया है. यहां पर अमेरिका की एस्ट्राजेनेका और चीन की सिनोवैक और सिनोफार्म में से टीके बदले जाते रहेंगे.
थाईलैंड: टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए थाईलैंड ने अपनी टीका नीति में बदलाव किए हैं. यहां कोरोना के खिलाफ सुरक्षा बढ़ाने के लिए चीन की सिनोवैक को एस्ट्राजेनेका का साथ मिलाने का फैसला किया है.
स्विट्जरलैंड: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि देश ने 2022 में बूस्टर डोज की तैयारी समेत 4.3 करोड़ डोज ऑर्डर किए हैं. रॉयटर्स के मुताबिक, यहां संक्रमण की दर को बेहद कम माना जाता है, लेकिन नियमों में मिली ढील के बाद यह बढ़ती हुई नजर आ रही है.



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