RJD कार्यालय के लिए जमीन मांगना अब बिहार की सियासत में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। RJD के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कार्यालय की जमीन बढ़ाने के लिए चिट्ठी लिखी थी। इसके जवाब में JDU के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू यादव को चिट्ठी लिखी है।
नीरज कुमार ने अपनी चिट्ठी में लिखा है- ‘तेजस्वी यादव 20 महीने तक भवन निर्माण मंत्री रहे तो उन्हें अपने कार्यालय की चिंता क्यों नहीं हुई ?’ उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से तेजस्वी की योग्यता पर सवाल उठा रहे हैं।



जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार की ओर से जारी की गई चिट्ठी।
लालू की जमीन पर क्यों नहीं कार्यालय बनवाते हैं
नीरज कुमार ने अपनी चिट्ठी में यह भी लिखा है- ‘2010 में आरजेडी के मात्र 22 विधायक थे तो क्या संख्या घट जाने के बाद कार्यालय का क्षेत्र घटा दिया गया था। उस समय तो विरोधी दल के तौर पर नामित होने का भी हक नहीं था।’ नीरज कुमार ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा- ‘अपने 15 साल के शासन काल में आपने जो संपत्ति बनाई है, उसमें पटना में 228 कट्ठा और 3 धूर जमीन आपके पास है। आप उसमें बड़ा कार्यालय क्यों नही बना लेते?’


चिट्ठी के जरिए लालू प्रसाद की जमीन का विवरण।
जमीनों का भी किया जिक्र
नीरज कुमार ने अपनी चिट्ठी में उन जमीनों का जिक्र भी किया है। चिट्ठी में उन्होंने बताया है- ‘पटना सदर में लालू यादव के पास 22 कट्ठा 8 धूर जमीन है जो शेखपुरा और चितकोहरा के दायरे में आता है। वही, दानापुर इलाके में 99 कट्ठा 1 धूर जमीन है जो सगुना धनौत और जलालपुर के इलाके में आता है। फुलवारी शरीफ में लालू यादव के पास 107 कट्ठा 3 धूर जमीन है।’
RJD के संविधान का दिया हवाला
नीरज कुमार ने RJD के संविधान का हवाला देते हुए कहा है- ‘राजद की राष्ट्रीय परिषद के संचालन के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी है। इसमें पांच सदस्य स्थायी बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज रहते हुए ही राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव की अध्यक्षता में नियुक्त हैं। इस बोर्ड में सभी स्थान रिक्त होने पर वर्तमान अध्यक्ष लालू यादव ही सर्वेसर्वा हैं। फिर RJD के दोनों हाथ में लड्डू है। RJD का कार्यालय भी बन जाएगा।’




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