मुजफ्फरपुर जिले में एक बार फिर चोरों ने जमकर उत्पात मचाया है। घटना सकरा थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव में घटी है। शनिवार की सुबह करीब टीन बजे पहुंचे चोरों ने रिटायर्ड पोस्टमास्टर दिवाकर झा के घर को निशाना बनाकर करीब आठ लाख की संपत्ति चोरी कर ली। आधा दर्जन की संख्या में पहुंचे चोर घर के पीछे से चहारदीवारी फांदकर छत पर पहुंचे।
सीढ़ी घर के दरवाजे में लगे ताले को तोड़ दिया। फिर भीतर प्रवेश कर गए। गृहस्वामी और उनकी पत्नी बाहर वाले कमरे में सोई हुई थी। चोरों ने उनके दरवाजे को बाहर से गमछा और धागा से बांधकर लॉक कर दिया। दूसरे कमरे में घुसकर गोदरेज और ट्रंक का ताला तोड़ दिया। इसमे रखा जेवरात और कीमती बर्तन चोरी कर लिया। फिर उसी रास्ते से भाग निकले। वारदात के बाद लोगों ने 50 बार पुलिस को कॉल किया। लेकिन, पुलिस नहीं पहुंची


नींद खुली तो दरवाजा था बंद
घटना के दौरान आहट सुनकर गृहस्वामी की नींद खुली। बाहर निकलने के लिए दरवाजा खोलने गए। लेकिन, लॉक पाया। काफी प्रयास करने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो शोर मचाने लगे। इसके बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुटी। लोगों के पहुंचने के बाद चोर भाग निकले। दरवाजा खोलकर उन्हें बाहर निकाला। सूचना मिलने पर उनके पुत्र अजय झा मुज़फ़्फ़रपुर से पहुंचे।

कॉल करते रहे लोग और सोती रही पुलिस
घटना के बाद सुबह से ही स्थानीय लोग सकरा थानेदार सरोज कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों के मोबाइल पर कॉल करते रहे। लेकिन, किसी ने न तो कॉल उठाया और नहीं घटनास्थल पर पहुंचे। अजय ने बताया कि 50 बार से अधिक कॉल किया गया। लेकिन, पुलिस वाले सोते रहे। वहीं DSP पूर्वी के सरकारी नम्बर पर भी कॉल किया गया। लेकिन, उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। सरकारी नम्बर का बंद होना कई तरह के सवाल खड़े करता है। पुलिस की इस शिथिल कार्यशैली के कारण लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

चोरों के पैर के मिले निशान
घटना के करीब पांच घन्टे के बाद थानेदार मौके पर जांच को पहुंचे। चोर जिस रास्ते घर मे घुसे थे। वहां पर पैरों ने निशान पाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना को अंजाम आसपास के ही किसी शातिर ने दिया है। या स्थानीय ने लाइनर की भूमिका निभाई है। क्योंकि उसे बेहतर पता था कि गोदरेज और ट्रंक दूसरे कमरे में रखा है और उसमें कोई नहीं सोता है।



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