राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे की परेशानी बढ़ सकती है। पटना हाईकोर्ट ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों के विवादित बिन्दुओं को रिकार्ड पर रखने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता विजय कुमार यादव ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव के हसनपुर विधानसभा से निर्वाचन को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है।


विगत पांच अगस्त को एकलपीठ ने मामले पर ‘इशू फ्रे’ कर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया था। एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई में संबंधित पक्षकारों की गवाही और दस्तावेजों की सूची भी कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। बताते चलें कि यह मामला 2020 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता विजय कुमार यादव द्वारा जानबूझकर अपनी संपत्ति के संबंध में पूरा ब्यौरा नहीं देने का आरोप लगाया गया है। याचिका के द्वारा दर्शाया गया है कि जनप्रतिनिधि कानून की धारा 123 (2) के अनुसार यह भ्रष्ट आचरण में आता है। याचिकाकर्ता तेजप्रताप यादव के निर्वाचन को अमान्य बताते हुए जदयू के उम्मीदवार राज कुमार राय को विजेता घोषित करने के लिए चुनाव याचिका दायर की है। मामले को सुनवाई हेतु 30 सितंबर को सूचीबद्ध किया गया है।





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