भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल (55) को स्टीवंस जॉनसन सिंड्रोम नाम की दुर्लभ बीमारी डिटेक्ट हुई है। इसकी जानकारी खुद उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव करके दी। जायसवाल फिलहाल पटना एम्स में भर्ती हैं। पश्चिमी चंपारण के सांसद जायसवाल ने बताया है- ‘स्टीवंस जॉनसन सिंड्रोम की चपेट में आए हैं। यह एक ऐसी बीमारी है, इसमें शरीर खुद अपने खिलाफ काम करने लगता है। शरीर के बाहरी हिस्से के साथ ही आंख, नाक, कान, गला सूजने लगता है और फटने लगता है। इस बीमारी में शरीर के भीतर आंत में भी सूजन होती है और वह गलने लगती है।’
उन्होंने बताया है- ‘मैं ऐसी स्थिति में हूं कि फिलहाल किसी से मिल नहीं सकता हूं। लगभग एक सप्ताह तक पटना एम्स में ही रहना होगा।’


खुद भी डॉक्टर हैं संजय जायसवाल
संजय जायसवाल खुद भी पेशे से डॉक्टर हैं और बेतिया में उनका एक निजी क्लीनिक भी है। उनके पिता मदन प्रसाद जायसवाल भी सांसद थे। संजय जायसवाल ने पटना मेडिकल कॉलेज से MBBS और पटना के दरभंगा मेडिकल कॉलेज से MD किया है। पश्चिमी चंपारण के सांसद के तौर पर उनका यह तीसरा कार्यकाल है। संजय जायसवाल की पत्नी डॉ. मंजू चौधरी हैं। वह भी डॉक्टर हैं। संजय जायसवाल साल 2019 से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

क्या होती है स्टीवंस जॉनसन सिंड्रोम बीमारी
स्टीवंस जॉनसन सिंड्रोम बहुत गंभीर और दुर्लभ बीमारी है। यह एक तरह का संक्रमण है, जिसमें ऐसा लगता है मानो किसी ने शरीर को जला दिया हो। यह बीमारी बड़ी तेजी से फैलती है। स्टीवन्स और जॉनसन नाम के दो डॉक्टरों ने इस इंफेक्शन का पता लगाया था, जिनके नाम से इस बीमारी का नाम रखा गया है। यह बीमारी बुखार के साथ सामने आती है और फिर त्वचा, श्लेष्म झिल्ली, जननांगों और आंखों को प्रभावित करती है। इसके घाव शरीर में कहीं भी हो सकते हैं। यह बीमारी 10 लाख लोगों में से 2 से 6 लोगों को होती है।

इस बीमारी की वजह, जैसा संजय जायसवाल ने खुद बताया है, दवा लेने के दौरान किसी प्रकार का रिएक्शन होना या दवाएं छोड़ने के बाद किसी प्रकार का रिएक्शन होना होता है। कुछ मुख्य प्रकार की दवाएं जो स्टीवंस जॉन्सन सिंड्रोम का कारण बन सकती हैं, जैसे- गाउट का इलाज करने वाली दवाएं, मानसिक रोग व मिर्गी आदि की रोकथाम करने वाली दवाएं, दर्द निवारक दवाएं और इन्फेक्शन से लड़ने वाली दवाएं हैं।



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