पहाड़ी नदियों के बाढ़ के पानी उतरने के बाद बगहा में तबाही का मंजर दिखने लगा है। रामनगर प्रखंड समेत थरुहट क्षेत्र के दर्जनों गांव में बाढ़ से हुई तबाही दिख रही है। कई गांवों के सड़क संपर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। सड़क गड्ढों में तब्दील हो गए हैं । वहीं पुल-पुलिया बाढ़ के पानी से पूरी तरह से बाहर गए हैं। बगहा के रामनगर प्रखंड स्थित भवाल पंचायत में मसान नदी ने तबाही मचा दी है।
28 अगस्त के रात में आए पानी ने भवाल पंचायत के पिपरा माफी गांव को तबाह कर दिया हैं। अचानक आई बाढ़ ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। लोग किसी तरह से जान बचाकर भागे। पानी का वेग इतना तेज था कि गांव का 15 घर पानी में बह गया। लगातार बारिश के बाद पहाड़ी नदियों ने बर्बादी का आलम लिख दी है। बगहा अनुमंडल क्षेत्र से लगभग 25 से 30 पहाड़ी नदियां निकलती हैं। जो तबाही बरपा कर चली गई है।
रात 9 बजे आई थी पानी, 1 बजे बह गया घर
पिपरा माफी लोग बाढ़ की उस भयावह रात को ही भुला नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि रात 9 बजे पानी गांव में घुसना शुरू किया। हमें लगा की बरसात का पानी है। लेकिन रात 1 बजे अचानक मसान नदी का बांध टूट गया और नहर में आकर मिल गया। इसके बाद नहर का किनारा भी टूट गया। देखते ही देखते पूरे गांव में पानी भर गया, किसी तरह से लोग जान बचाकर भागे।
ऐसे में बाढ़ के पानी ने लोगों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। कल तक जिन घरों में बच्चों की गूंज गूंजती थी, आज वहां बालू का ढेर लगा हुआ है। बालू के ढेर में लोगो की पूरी जिंदगी की कमाई दब गई या फिर नदी में बह गई।


बगहा अनुमंडल क्षेत्र से लगभग 25 से 30 पहाड़ी नदियां निकलती हैं, जो तबाही बरपा कर चली गई है।
कट गए सड़क
रामनगर से थरुहट क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क बाढ़ के पानी में बिल्कुल ध्वस्त हो चुकी है। यहां पर लोग जान जोखिम में डालकर रास्ते को पार कर रहे हैं। इस सड़क से चार चक्के वाहन का आना जाना बंद है। वही मोटरसाइकिल सवार इसी तरह से इस रास्ते को पार कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि प्रशासन के द्वारा मात्र एक पाल व 2 किलो चिवडा व गुड़ मिला है।

यहां मची है तबाही
बलुहवा, डुमरी, सिंघाई, सेवरही बरवा, चंपापुर, पथरी, सन्तपुर नौका टोला, चमरदिहया बरगांव व बलुआ समेत दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं। बगहा दो प्रखंड के नौरंगिया दरदरी के पचपेड़वा घुलौली, महुआ कटहरबा, नौतनवा पंचायत के नौतनवा सहित देवरिया के तरुअनवा, कुनई गांव पहाड़ी नदियों के बाढ़ के कारण पूरी तरह से तबाह हो गए हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। हालांकि इन गांवों से बाढ़ का पानी अब हट चुका है। लेकिन बाढ़ के कारण हुई तबाही दशकों तक गांव के लोगों का पीछा करते रहेगी।





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