मुजफ्फरपुर में लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण बूढ़ी गंडक और बागमती नदी ने फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब है, जिसके कारण निचले इलाकों में तेजी से पानी फैल रहा है।
कटरा प्रखंड के बकुची में साइकिल पर दूध लोड कर पानी पार करने की कोशिश कर रहा एक दूधवाला अचनाक बह गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। उसमें साफ दिख रहा है कि सड़क पर बह रहे कमर भर पानी में पहले उसकी साइकिल दूध के साथ बह जाती है। किसी तरह से वह संभलने की कोशिश करता है, लेकिन नाकाम रहता है। फिर, तेज धार की चपेट में आने से वह भी डूबने लगता है, जिसके बाद स्थानीय लोग उसे बचा लेते हैं। वीडियो 29 अगस्त का है।

इस साल तीसरी बार डूबा अहियापुर थाना
अहियापुर थाना तीसरी बार चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। इससे फरियादियों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को काफी दिक्कत हो रही है। पुलिसकर्मी पैंट मोड़ कर थाने पहुंच रहे हैं। जबकि, कई फरियादी गमछा साथ ले रहे हैं, ताकि गमछा पहनकर थाने तक जाया जा सके। थाने में खड़ी जब्त गाड़ियां डूब चुकी हैं।
पुलिसकर्मियों ने बताया- ‘इस साल एक बार फिर पानी आ जाने की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक नाव की व्यवस्था भी नहीं की गई है।’
बागमती का जलस्तर बढ़ा, गायघाट के कई पंचायतों में फैला पानी
लगातार हो रही बारिश के कारण बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण गायघाट प्रखंड की कई पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है, जिससे गांव के लोगों में भारी दहशत है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही गायघाट प्रखंड के क्षेत्रों से बागमती का पानी घटा था, लेकिन बाढ़ दोबारा रौद्र रूप लेनी लगी है। गायघाट प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र के अधिकांश गांव पानी से घिर चुके हैं।
बरुआरी-शिवदाहा मार्ग पर भी पानी चढ़ चुका है, जिससे आवागमन में काफी समस्या हो रही है। ये रास्ता कई पंचायतों को जोड़ता है। पिछले महीने आई बाढ़ ने इस सड़क को कई जगह से जर्जर कर दिया था। लोगों ने बताया- ‘बाढ़ के कारण बरुआरी-तेजौल के बीच सड़क जर्जर हो चुकी है, जिससे आने-जाने में काफी समस्या उत्पन्न हो रही है। अगर इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो आवागमन बाधित भी हो सकता है।’



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