शहर से लेकर गांवाें तक हर तरफ बाढ़ व जलजमाव के कारण जिले में डेंगू व चिकनगुनिया का प्रकाेप तेजी से हाे सकता है। इसे लेकर अलर्ट जारी करते हुए शहरी क्षेत्र में नगर निगम व ग्रामीण इलाकाें में स्वास्थ्य विभाग काे बचाव व जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। सिविल सर्जन ने सभी पीएचसी प्रभारियाें व संबंधित अधिकारियाें से माइक्राेप्लान मांगा है।
जिला टास्क फोर्स की बैठक में सबसे पहले जलजमाव वाले इलाकाें में एंटी लार्वा के छिड़काव का निर्णय लिया गया। जहां पानी जमा होता है, वहां मिट्टी भरी जाएगी। जलजमाव वाले इलाकाें को चिह्नित करते हुए उनका तत्काल निस्तारण करने, सभी वार्डों में नियमित नालियों की सफाई व कूड़ा निस्तारण कराने के लिए कहा गया है।

आशा, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, एएनएम के जरिए मच्छरजनित रोगों से किया जाएगा जागरूक
बरसात में आवासीय इलाकाें में अतिरिक्त पानी जमा होने लगता है। ऐसे में मुख्य रूप से डेंगू व चिकनगुनिया जैसे मच्छरजनित रोगों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। आईसीडीएस डीपीओ काे कहा गया है कि वे आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के माध्यम से टोलों एवं वार्डों खासकर महादलित टोलों में लाेगाें काे जागरूक करहें।

डीपीआरओ को होर्डिंग्स/फ्लैक्स, नुक्कड़-नाटक व अन्य माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा गया है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि इस वर्ष 27 जुलाई तक जिले में डेंगू का 1 केस आया है। इसके पहले 2017 में 38, 2018 में 46, 2019 में 202, 2020 में 58 केस आए थे।
सीएचसी में आ रहे आम दिनों की अपेक्षा 40 फीसदी अधिक चर्म रोग के मरीज
बागमती, लखनदेई, मनुषमारा का जलस्तर घटने के साथ ही बाढ़ पीड़ितों ने जहां राहत की सांस ली है। वहीं दूसरी ओर बाढ़ पीड़ितों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। सबसे ज्यादा समस्या किसानों को मवेशियों का हरा चारा जुटाने में हो रही है। किसानों को दूर दराज से हरे चारा की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिस प्रभाव दुधारू पशुओं पर हो रहा है।

बनवासपुर के पशुपालक किसान रामजतन राय ने बताया कि पशुओं में हरे चारे के कमी के कारण 50 प्रतिशत दूध कम हो गया है। वहीं जलजमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बाढ़ ने प्रखंड की एक दर्जन सड़कों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। टेका बाजार से बलिया जाने वाली सड़क के क्षतिग्रस्त होने से चार हजार की आबादी वाले गांवों के लोगों का आवागमन बाधित है।
स्थानीय सीएचसी के प्रभारी डाॅ. राजेश कुमार ने बताया की आम दिनों की अपेक्षा 40 प्रतिशत अधिक रोगी चर्म रोग के प्रत्येक दिन आ रहे हैं। रविंद्र मंडल ने सम्पूर्ण प्रखंड में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की मांग की है।




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