BIHARBreaking NewsSTATE

दुर्गापूजा में 42 दिन ही बाकी, गाइडलाइन जारी नहीं हाेने से असमंजस में समितियां

राज्य सरकार ने इस साल पंडाल में दुर्गापूजा के आयाेजन की अनुमति दे दी है। लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं हाेने से पूजा समितियां असमंजस में हैं। उनका कहना है कि अगर फिर राेक लगा दी गई ताे लाखाें का नुकसान हाे जाएगा। 15 अक्टूबर को दशहरा है। अब दुर्गापूजा के आयोजन के लिए 42 दिन ही शेष हैं।

पूजा समितियाें के मुताबिक भव्य पंडाल और मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने के लिए 60 दिन का समय लगता है। अगर 40 दिन पहले भी पहले अनुमति मिल जाती है तो भव्य पंडाल का बनाएंगे। पिछले साल कोरोना की वजह से पटना सहित राज्यभर में पंडाल और बड़ी मूर्ति के निर्माण पर रोक लगा दी गई थी। भव्य तरीके से दुर्गापूजा के आयोजन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। वहीं पटना के जिलाधिकारी डाॅ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि जाे समितियां पूजा के लिए अनुमति मांगेंगी उन्हें मिलेगी।

जानिए क्या कहते हैं दुर्गापूजा पूजा समितियाें के पदाधिकारी

  • जिला प्रशासन को दुर्गापूजा के आयोजन के लिए स्पष्ट निर्देश देना चाहिए। पूजा समितियां असमंजस में पड़ी हुई हैं। अभी से पूजा आयोजन करने के लिए निर्देश दिया जाता है तो हमलोग प्रतिमा स्थापित करेंगे। -अमित कुमार बरुआ, ट्रस्टी व कोषाध्यक्ष, नवयुवक संघ श्री दुर्गापूजा समिति, डाकबंगला
  • अभी तक जिला प्रशासन की तरफ से दुर्गापूजा आयोजन को लेकर कोई गाइडलाइन या सूचना जारी नहीं की गई है। अगर 40 दिन पहले पूजा आयोजन करने के लिए अनुमति मिल जाती है तो बड़ा पंडाल और भव्य मां की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। – उमेश सिंह, श्री मां दुर्गापूजा समिति, बोरिंग रोड चौराहा
  • जिला प्रशासन के मार्गदर्शन की आवश्यकता है। अगर इस माह अनुमति मिल जाती है तो अब तक का सबसे भव्य पंडाल बनाने के लिए योजना बना रहे हैं। इसको लेकर आपसी बैठक हो चुकी है। – पुनिल कुमार, महासचिव, श्री श्री दुर्गापूजा महोत्सव, बेली रोड खाजपुरा शिव मंदिर
  • हमलोग सरकार और जिला प्रशासन के गाइड लाइन के इंतजार कर रहे हैं। अगर दुर्गा पूजा आयोजन करने के लिए अनुमति मिलती है तो भव्य पंडाल और मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। – पंकज अग्रवाल, अध्यक्ष, श्री श्री नवयुवक दुर्गा पूजा समिति, डोमन भगत लेन, कदमकुआं

कारीगराें की नहीं हुई है अबतक बुकिंग

पूजा समितियों के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष ने कहा कि पंडाल और मूर्ति काे भव्य रूप देने के लिए झारखंड, बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से कारीगर बुलाते हैं। इसके लिए एडवांस में कारीगर बुक करना पड़ता है। असमंजस की वजह से अभी तक कारीगर को एडवांस नहीं दिए हैं। अभी से जिला प्रशासन की तरफ से अनुमति मिलती है तो कारीगर के लिए दूसरे राज्यों से संपर्क कर सकते हैं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.