मुजफ्फरपुर के निलंबित DTO रजनीश लाल के पास से अब 20 लाख रुपए की सोने-चांदी की ज्वेलरी मिली है। इसे इन्होंने एक बैंक लॉकर में रखा था। इसका पता चलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने लॉकर को खंगाला। लॉकर से ज्वेलरी बरामद की गई। पटना के अशोक नगर में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच में लॉकर नंबर 62 DTO के माता-पिता के नाम पर है, लेकिन इसका इस्तेमाल रजनीश लाल किया करते थे। नॉमिनी में उनका और उनकी पत्नी का नाम है।

लॉकर को खंगालने के लिए निगरानी की टीम रजनीश लाल और उनकी पत्नी को लेकर बैंक गई थी। यह कार्रवाई पूरे दो महीने बाद हुई है। जांच के क्रम में निगरानी को बैंक लॉकर से जुड़ी रसीद और कुछ दूसरे डॉक्यूमेंट्स हाथ लगे थे। इससे पहले 24 जून को निगरानी की टीम ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में छापेमारी की थी। उस वक्त रजनीश लाल मुजफ्फरपुर के DTO थे। दाउदपुर कोठी इलाके में स्थित सरकारी आवास पर सबसे पहले निगरानी की टीम ने छापेमारी की थी। वहां से 37 हजार रुपए कैश और LIC में इंवेस्टमेंट के काफी सारे डॉक्यूमेंट्स मिले थे। इसके बाद टीम उन्हें लेकर पटना चली आई थी।

यहां आने पर कंकड़बाग के आरएमएस कॉलोनी स्थित सुमन कश्यप अपार्टमेंट में इनके दो फ्लैट मिले थे। कुल मिलाकर 50 लाख रुपए कैश यहां से बरामद किए गए थे। उस वक्त भी लाखों रुपए की ज्वेलरी और अलग-अलग जगहों पर इंवेस्टमेंट के डॉक्यूमेंट्स मिले थे। इस मामले में पटना स्थित निगरानी थाना में रजनीश लाल के खिलाफ केस दर्ज है।

निगरानी मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार तक करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के डिटेल्स टीम के हाथ लग चुके हैं। अब इनके कुछ और इंवेस्टमेंट्स के बारे में भी निगरानी के अधिकारियों को पता चला है। इनकी पड़ताल चल रही है। जांच पूरी होते ही स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। दो महीने पहले हुई निगरानी की कार्रवाई के बाद ही परिवहन विभाग ने रजनीश लाल को DTO के पद से सस्पेंड कर दिया था।
Input: Hindustan



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