उत्तर बिहार में सांप काटने के मामले में बेतहाशा वृद्धि देखने की मिल रही है। हर दिन अलग-अलग जिलों से प्रभात तारा अस्पताल में 50 से अधिक की संख्या में सर्पदंश के मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग काफी चिंतित है। सिविल सर्जन डॉ. विनय शर्मा ने सभी CHC ( कम्युनिटी हेल्थ सेंटर) प्रभारियों को अलर्ट कराया है। कहा है कि सांप काटने के इलाज़ को लेकर अलर्ट रहें। अपने-अपने क्षेत्र में खासकर जलजमाव वाले इलाके को लोगों को सतर्क करें। अगर सर्पदंश के केस उनके क्षेत्र में आते हैं तो फौरन प्राथमिक उपचार कर उसे सम्बन्धित अस्पताल में भेजें। प्राथमिक उपचार की व्यवस्था CHC में होना अनिवार्य है। इसमे किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतें। गम्भीर मामलों में तो किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी।

अभी 13 मरीज हैं भर्ती:
प्रभात तारा अस्पताल में अभी सर्पदंश के 13 मरीज भर्ती हैं। लगातार बारिश और जलजमाव के कारण सर्पदंश का मामला बढ़ता जा रहा है। इससे लोग काफी भयभीत हो चुके है। बताया जा रहा है कि अब तक राज्य के कई जिले जिसमे मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, शिवहर, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान , दरभंगा, वैशाली, सीतामढ़ी जिले के गांव से सर्पदंश के सैकड़ो से ऊपर केस प्रभात तारा अस्पताल पहुंचे हैं। जबकि कई मरीजो की मौत अस्पताल पहुँचने के दौरान रास्ते मे हो गयी है। इधर, प्रभात तारा अस्पताल की इंचार्ज सिस्टर ग्लोडिस बताया कि सर्पदंश के मामले में बीते नौ महीने के भीतर काफी केस आये हैं। जिनका इलाज पत्थर एक्यूप्रेशर से किया जा रहा है।

दो सप्ताह में अचानक बढ़े केस:
उन्होंने बताया कि बीते दो सप्ताह से केस अचानक से बढ़ गए हैं। इसमे कई मरीजों की मौत हुई है। अभी कई की हालत नाजुक है। प्रतिदिन 50 से अधिक की संख्या में मरीज भर्ती हो रहे हैं। इधर, भर्ती मरीज के परिजनों ने बताया कि बाढ़ और बारिश के जलजमाव के कारण सांप के काटने के मामले बढ़ गए हैं। घर मे पानी घुस चुका है। रात की कौन कहे दिन में भी सांप घर मे घूमता रहता है।





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