ओमप्रकाश दीपक
मुजफ्फरपुर। सावधान ! सावधान! आप मुजफ्फरपुर शहर में रहते है तो सत्तर्क हो जाईये। घर हो या दुकान बस अब सुरक्षा आपको खुद करनी होगी। क्योंकि पुलिस यहां की निष्क्रिय हो चुकी है। डीएसपी साहब के घर के आठ ताले टूट सकते है तो आप खुद अंदाजा लगा सकते है कि आपका घर कितना सुरक्षित है। क्या होगा इस शहर का जहां ऐसी घटना घटित हो। यह ताजा घटना नगर विधायक के घर के पास हुई है। जहां डीएसपी साहब का घर है। शहर में ताले तोड़कर चोरी की घटना यह एक नई बात नहीं है। पिछले एक माह के अंदर नजर डाले तो कोई भी ऐसा दिन नहीं मिलेगा की किसी न किसी मुहल्ले में घर या फिर दुकान के ताले नहीं टूटे हो।


कई लोग तो पुलिस के झंझट में नहीं पड़ने के चक्कर में थाना को सूचना तक नहीं देते है। अगर चोरी की सूचना देने थाना पर गये तो पहले मुंशी के कोप भाजन का शिकार होना पड़ेगा। मुशी कहेंगे कि आप घर छोड़ क्यों गये थे। आपको नहीं मालूम है कि चोरी घटना बढ़ गई है। बड़ा बाबू आते है तो उनसे बात करियेगा। अभी जाईये ग्यारह बजे आयेगा। अगर आपके पास बांस है तो एफआईआर तुरंत दर्ज हो जायेगा। अगर बांस नहीं है तो फिर थाने का चक्कर लगाते रही।
मोतिहारी जिले में डीएसपी के पद पर कार्यरत साहब का नगर थाने के क्षेत्र में घर खाली था। फिर क्या था चोर को अच्छा मौका मिल गया।


डीएसपी साहब के घर में लगे आठ ताले को चोर ने काटकर आराम से चोरी की और कीमती समान लेकर चलते बने। मंगलबार की रात काजी महम्मदपुर थाना क्षेत्र के अधोरिया बाजार में मोबाइल दुकान का ताला काटकर 40 हजार रुपये नगद एवं दो लाख रुपये का मोबाइल चोर ले गये। सोमवार को अहियापुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर इलाका में राजेश कुमार के खाली घर का ताला काटकर चोर चालीस हजार रुपये की सम्पत्ति लेकर चलते बने। राशि कम रहने के कारण राजेश थाने पर नहीं गया। क्योंकि पुलिस के चक्क्र में कौन पड़ने जाये। अगर अधिक राशि की चोरी हुई तो कहां जाता है कि आपके पास साबूत है। विवश होकर लोगों को कम राशि लिखकर देने को थाना पर कहा जाता है।




Leave a Reply