
उन्होंने कहा कि खेतों में पराली ज’लाने से मु’क्ति दिलाने और पराली से चारा बनाने के लिए बिहार के किसानों को सरकार 80 फीसदी अनुदान पर हैप्पी सीडर मशीन देना सुनिश्चित की है। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्रिड से मिलने वाली बिजली की एक समी है। जबकि सूर्य की ऊर्जा अक्षय है। इसलिए आने वाले दिनों में सौर ऊर्जा पर नि’र्भरता बढ़ानी होगी। इसकी शुरुआत सरकारी भवनों पर सोलर प्लेट लगाकर कर भी दी गयी है। आने वाले दिनों में आम लोगों को भी जागरूक कर सौर ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 19 जनवरी को बनने वाली मानव शृंखला में शामिल होने के लिए सभा स्थल पर मौजूद हजारों की भी’ड़ को हाथ उठवाकर संकल्प दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल अरियरी पंचायत के डीहा में विकास कायोंर् की समीक्षा यात्रा के क्रम में हम पहुंचे थे। हमने वहां घूमने के क्रम में कहा था कि यह आर्कियोलजिकल साइट है। जब लखीसराय में लाल पहाड़ी की खुदाई में लगी टीम ने आकर वहां मु’आयना किया तो कहा कि डीहा ऐतिहासिक के साथ-साथ पुरातात्विक स्थल भी है। आज मटोखर दह ता’लाब के आस-पास का दृश्य देखकर हमें ऐसा प्रतीत होता है कि यह भी ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल है। दो-तीन दिनों के अंदर बिहार वि’रासत विकास समिति की टीम आकर इस स्थल का आकलन करेगी। लखीसराय लाल पहाड़ी की खुदाई कराई गई, वहां से लेकर यहां का पूरा इ’लाका विकसित करेंगे। यह खास स्थल एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगा।



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