झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में अब से कुछ देर बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन शपथ लेंगे। उनके साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव, कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और राजद के सत्यानंद भोक्ता मंत्री पद की शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री की ओर से राजभवन को इन मंत्रियों को शपथ दिलाने के लिए सूची भेजी गई है। समझा जा रहा है कि खरमास के बाद अब हेमंत मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, जिसमें सभी नामों पर फैसला होगा। फिलहाल कांग्रेस से पांच, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से छह और राजद से एक को मंत्रिमंडल में शामिल करने के फॉर्मूले पर महागठबंधन में सहमति बनी है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन, कनिमोझी और सांसद टीआरबालू रांची पहुंच गए हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजद नेता तेजस्वी यादव भी समारोह के गवाह बनने पहुंचे हैं। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी नेता समारोह में शामिल होने के लिए निकले हैं। अब से कुछ देर बाद रांची के मोरहाबादी मैदान में सीएम हेमंत सोरेन शपथ लेंगे।झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह के लिए राजधानी रांची का मोरहाबादी मैदान सजधज कर तैयार है। रविवार को दिन के दो बजे से प्रस्तावित समारोह को केंद्र मेें रखकर प्रोटोकॉल के हिसाब से अतिथियों के बैठने की व्यवस्था की गई है, वहीं पार्किंग के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कुल 95 हजार वर्गफीट में निर्मित तीन वाटरप्रूफ पंडाल में 15 हजार कुर्सियां लगाई गई हैं। बिजली, पानी, चिकित्सा, अग्निशमन जैसी बुनियादी सुविधाओं पर खास फोकस किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से पंडाल तथा स्टेज के बीच पर्याप्त दूरी रखी गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि निश्चित तौर पर हम उन तमाम योजनाओं को फिर से धरातल पर उतारेंगे जो पिछली बार कम अवधि मिलने की वजह से पूरी नहीं हो पाई थी। तमाम योजनाएं अगर संचालित रहती तो गरीबों का जीवन स्तर बेहतर होता।

हम तमाम योजनाओं को फिर से लागू करेंगे। आप सही कह रहे हैैं। दुर्भाग्य से यह कार्य रुक गया है पिछली सरकार के कार्यकाल में। हम बोलने में नहीं करने में विश्वास रखते हैैं। शहीदों के परिजनों को हम नौकरी देंगे। सरकार शहीदों के परिवार का पूरा ख्याल रखेगी। झारखंड आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों को नौकरी दी जाएगी। अब वे सड़क पर भटकते हुए आपको नहीं दिखेंगे। मैैं परमवीर अल्बर्ट एक्का की समाधि पर गया था पुष्पांजलि करने। झारखंड के लिए बड़ा योगदान है। हम शहीदों के परिजनों का ख्याल रख गौरवान्वित महसूस करते हैैं। इस बार भी हम उनके लिए तमाम कल्याणकारी योजनाएं लागू करेंगे।





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