BIHARBreaking NewsSTATE

जगदानंद सिंह नहीं आ रहे RJD ऑफिस:बुद्ध की शरण में शांति पाने गए तेजप्रताप, जींस पहन कर बौद्ध कटोरा बजाया

लालू प्रसाद के बड़े लाल तेजप्रताप यादव महादेव और कृष्ण के उपासक हैं लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को हिटलर कहने के बाद खुद को बुद्ध का उपासक घोषित कर दिया है। उन्होंने लिखा है कि बुद्धं शरणम् गच्छामि। हिटलर वाले बयान के बाद उनका मन भी अशांत है और पार्टी पर चौरतफा सवाल भी उठने लगे हैं। उनके पिता जी लालू प्रसाद के साथ राजनीति करने वाले जगदानंद सिंह भी नाराज हो गए हैं और पार्टी ऑफिस आना-जाना छोड़ दिया है।

बुद्धं शरणम गच्छामि

तेज प्रताप यादव ने बुद्धं शरणम गच्छामि लिखते हुए एक वीडियो भी डाला है। जिसमें वे बौद्ध कटोरा को बजाते हुए दिख रहे हैं। उसकी आवाज से उन्हें शांति भी मिलती दिख रही है। तेजप्रताप यादव ने माथे पर त्रिपुंड भी लगाया हुआ है। वे टी शर्ट और जींस पहने हुए दिख रहे हैं। तेजप्रताप यादव के जींस को देखकर जगदा बाबू का वह बयान भी उनके समर्थकों को याद आ रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि जींस पहनने वाले कभी राजनीति नहीं कर सकते।

बौद्ध कटोरा का महत्व

तेजप्रताप जिस बौद्ध कटोरा को बजाते हुए दिख रहे हैं उसे हीलिंग बॉल भी कहा जाता है। बोधगया में वर्षों से पर्यटकों को गाइड के रुप में ऐतिहासिक जानकारी दे रहे विकास कुमार बताते हैं कि यह कटोरा बुद्ध के हाथ में भिक्षा पात्र की तरह होता है, जिसके सराउंडिंग लकड़ी घुमाने से ओम की ध्वनि निकलती है। खास तौर से बौद्ध धर्म की महायान शाखा में इस वाद्य का इस्तेमाल किया जाता है। इससे जो आवाज निकलती है उससे काफी शांति मिलती है। पूजा के समय इसका इस्तेमाल किया जाता है।

इन सवालों का जवाब मुश्किल तेजप्रताप यादव ने बुद्धं शरणम गच्छामि लिखा है तो क्या वे भी अबंडेकर की तरह बौद्ध हो गए ? यह ऐसे सवाल है जिसका जवाब सिर्फ तेजप्रताप यादव ही दे सकते हैं। कुछ समर्थक इसका यह भी मतलब निकाल रहे हैं कि पार्टी में सब कुछ ठीक हो जाए, जगदा बाबू की नाराजगी दूर हो जाए इसलिए वे बौद्ध कटोरा बजा रहे हैं। बौद्ध कटोरे से निकली आवाज प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह तक पहुंच रही है कि यह भी बताना मुश्किल है !

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.