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एलोपैथ और आयुष के बीच बिहार में चौंकाने वाला आंकड़ा:कोरोना काल में बिहार के 46 लाख लोगों ने कराया आयुष पद्धति से इलाज, अब सरकार भी आयुष को लेकर हुई गंभीर

कोरोना काल में एलोपैथ और आयुष को लेकर छिड़ी जंग में चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के से मिली जानकारी के मुताबिक 2020-21 में 46 लाख से अधिक लोगों ने आयुष चिकित्सा पद्धति से इलाज कराया है। कोरोना ने आयुष चिकित्सा पद्धति पर भरोसा जताने के लिए मजबूर कर दिया है। आंकड़ा बता रहा है कि किस तरह से लोग एलोपैथिक से आयुष चिकित्सा पद्धति की तरफ डायवर्ट हुए हैं। आयुष की तरफ बढ़ता लोगों का भरोसा देख अब सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। शहर से लेकर गांव तक सेंटर बनाए जा रहे हैं।

बिहार में एलोपैथ के साथ आयुष पर प्लान

बिहार में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवा को लेकर सरकार की तैयारी चल रही है। अब राज्य में एलोपैथिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष चिकित्सा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार इस दिशा में इस लिए कदम आगे बढ़ा रही है क्योंकि कोरोना काल में आयुष चिकित्सा पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020-21 में 46 लाख 2 हजार 514 मरीजों ने आयुष चिकित्सा पद्धति से अपना इलाज कराया है। सरकार अब यह प्रयास कर रही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर के पास ही चिकित्सा सुविधा मिल जाए। इसी उद्देश्य से हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं GNM की भी तैनाती की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

बिहार में आयुष का प्लेटफार्म

  • 704 आयुर्वेदिक अस्पताल बिहार में है।
  • 428 होमियो चिकित्सकों का चयन कर नियोजित किया गया।
  • 252 यूनानी चिकित्सकों का चयन कर उन्हें नियोजित किया गया है।
  • बिहार में कुल 1384 आयुष चिकित्सकों को नियोजित किया गया है।
  • 2020-21 में 46 लाख से अधिक लोगों ने लिया आयुष से लाभ
  • बिहार में IGNOU द्वारा 25 लर्नर सपोर्ट सेंटर्स किए गए हैं स्थापित।

25 लर्नर सपोर्ट सेंटर

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि कोरोना काल में आयुष चिकित्सा सेवा पर लोगों का बहुत भरोसा बढ़ा है। उनका कहना है कि राज्य में कुल 25 लर्नर सपोर्ट सेंटर्स IGNOU द्वरा स्थापित हैं। इन केन्द्रों पर ही आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं एवं GNM और BSC नर्सेज का प्रशिक्षण कराया जाता है। अब तक 1069 प्रशिक्षित आयुर्वेदिक चिकित्सकों एवं जीएनएम और बीएससी नर्सेज को कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के रूप में नियोजित कर इनसे काम लिया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि प्रतिवर्ष जनवरी एवं जुलाई सत्र में 6 माह का कोर्स कराया जाता है। IGNOU (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) के जनवरी 2021 के सत्र में कुल 554 चयनित अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण कराया जा रहा है, वहीं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आयुर्वेदिक, होमियो एवं यूनानी चिकित्सकों का चयन कर उन्हें नियोजित किया जा रहा है।

आयुष अस्पतालों में बढ़ाए जा रहे हैं संसाधन

स्वास्थ्य विभाग में न सिर्फ लोगों को बेहतर सेवा देने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं, बल्कि अस्पतालों और मेडिकल काॅलेजों में भी चिकित्सकों के अलावे मानव बल की बढ़ोतरी भी की जा रही है। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अलावे जीएनएम और बीएससी नर्सेज को 6 माह का सर्टिफिकेट इन कम्युनिटी हेल्थ का कोर्स कराया जा रहा है। कोर्स पूरा करने के बाद इन्हें हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के पद पर पदस्थापित किया जा रहा है।

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